CBSE Board Exams Cancelled!! युद्ध की आग में झुलसा बोर्ड एग्जाम! एजुकेशन बोर्ड ने पश्चिम एशिया में रद्द कीं 12वीं की परीक्षाएं!

CBSE Board Exams Cancelled!! युद्ध की आग में झुलसा बोर्ड एग्जाम! एजुकेशन बोर्ड ने पश्चिम एशिया में रद्द कीं 12वीं की परीक्षाएं!
ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी भीषण संघर्ष की आंच अब शिक्षा क्षेत्र तक पहुंच गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने रविवार को एक आपातकालीन घोषणा करते हुए पश्चिम एशिया के प्रभावित देशों में कक्षा 12वीं की बाकी बची सभी बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। यह निर्णय उन हज़ारों छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, जो युद्ध की विभीषिका के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में असमर्थ हैं। इस फैसले का असर बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में CBSE से मान्यता प्राप्त 150 से ज़्यादा स्कूलों के छात्रों पर पड़ेगा।
 

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1 मार्च के बाद से अपने छठे सर्कुलर में, CBSE ने साफ किया कि जो पेपर पहले टाले गए थे, वे भी अब रद्द माने जाएंगे। 16 मार्च से 10 अप्रैल, 2026 के बीच होने वाली परीक्षाएं अब नहीं होंगी। बोर्ड ने कहा कि वह प्रभावित छात्रों के रिजल्ट घोषित करने के तरीके के बारे में बाद में जानकारी देगा।

आधिकारिक सूचना और तालमेल

CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि यह फैसला परीक्षा कराने की संभावना की समीक्षा करने और प्रभावित देशों के स्कूलों और अधिकारियों से मिली राय पर विचार करने के बाद लिया गया है।
खाड़ी देशों में भारत के राजदूतों और दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत को इस बारे में सूचित कर दिया गया है, ताकि उचित तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।

2026 की बोर्ड परीक्षाएं और पहले टाली गई परीक्षाएं

12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी को शुरू हुई थीं। पश्चिम एशिया में 1 मार्च को पेपर टाले जाने से पहले, भौतिकी, रसायन विज्ञान, भूगोल और लेखाशास्त्र जैसे कई विषयों की परीक्षाएं सफलतापूर्वक हो चुकी थीं। इससे पहले, CBSE ने 5 मार्च को इस क्षेत्र में 10वीं कक्षा की बाकी सभी परीक्षाएं भी रद्द कर दी थीं।
 

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हाल के वर्षों में यह कुछ ही ऐसे मौकों में से एक है, जब CBSE को विदेशों में होने वाली परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी हैं। इससे पहले 2020-21 में COVID-19 महामारी के दौरान, या फिर खराब मौसम और स्थानीय आपात स्थितियों के कुछ मामलों में ऐसा करना पड़ा था।

छात्रों पर असर

इस फैसले का असर खाड़ी देशों में CBSE से मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले हज़ारों भारतीय छात्रों पर पड़ेगा। इनमें दुबई, अबू धाबी, दोहा और रियाद जैसे बड़े केंद्र शामिल हैं। कुल मिलाकर, इस साल CBSE की परीक्षाओं के लिए 43.7 लाख से ज़्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से लगभग 25.1 लाख छात्र 10वीं कक्षा के और 18.6 लाख छात्र 12वीं कक्षा के थे।

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