नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। केस टेकओवर किए 14 दिन हो चुके हैं, सीबीआई की जांच एसआईटी की जांच के इर्द-गिर्द की घूम रही है। सीबीआई की टीम अब तक तीन बार जहानाबाद जा चुकी है। सीबीआई की एफएसएल टीम भी छात्रा के घर पर जांच के लिए गई थी। छात्रा के पिता, माता, भाई, मामा और मामी से पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा हॉस्टल संचालिका, वार्डन, दरबान सहित अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की है। सहज सर्जरी और प्रभात मेमोरियल में भी पूछताछ की है। इसके अलावा मंगलवार को सीबीआई की टीम ने एसआईटी के अधिकारियों से भी बारी-बारी से जांच के संबंध में जानकारी ली। छात्रा का पोस्टमार्टम पीएमसीएच में कराया गया था। संभव है कि पीएमसीएच में पोस्टमार्टम करने वाली मेडिकल बोर्ड का पक्ष भी सीबीआई की टीम लेगी। पटना एम्स को नहीं मिली केस डायरी और एफएसएल रिपोर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहली बार छात्रा के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी। कुछ दिन के बाद एफएसएल की रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रा के कपड़े पर स्पर्म मिला है। एफएसएल की रिपोर्ट के बाद विवाद गहरा गया। इसके बाद एक्सपर्ट ओपिनियन के लिए पटना पुलिस ने एम्स के डॉक्टरों से संपर्क किया। हालांकि एम्स की टीम ने अब तक एसआईटी को एक्सपर्ट ओपिनियन नहीं सौंपा है। एम्स के डॉक्टरों को केस डायरी, एफएसएल रिपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट नहीं सौंपे गए हैं। सीबीआई ने भी अबतक पटना एम्स से संपर्क नहीं किया है। 12 जनवरी को लिया था केस जहानाबाद की छात्रा 5 जनवरी को वह घर से हॉस्टल लौटी थी। 6 जनवरी को करीब 4 बजे उसे बेहोशी की स्थिति में कमरे से बाहर निकाला गया था। इसके बाद उसका इलाज सहज सर्जरी, प्रभात मेमोरियल और मेदांता अस्पताल में हुआ। 11 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई। 31 जनवरी को बिहार सरकार ने केस सीबीआई को ट्रांसफर करने की घोषणा की। 12 फरवरी को सीबीआई ने केस टेकओवर कर लिया। नीट छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। केस टेकओवर किए 14 दिन हो चुके हैं, सीबीआई की जांच एसआईटी की जांच के इर्द-गिर्द की घूम रही है। सीबीआई की टीम अब तक तीन बार जहानाबाद जा चुकी है। सीबीआई की एफएसएल टीम भी छात्रा के घर पर जांच के लिए गई थी। छात्रा के पिता, माता, भाई, मामा और मामी से पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा हॉस्टल संचालिका, वार्डन, दरबान सहित अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की है। सहज सर्जरी और प्रभात मेमोरियल में भी पूछताछ की है। इसके अलावा मंगलवार को सीबीआई की टीम ने एसआईटी के अधिकारियों से भी बारी-बारी से जांच के संबंध में जानकारी ली। छात्रा का पोस्टमार्टम पीएमसीएच में कराया गया था। संभव है कि पीएमसीएच में पोस्टमार्टम करने वाली मेडिकल बोर्ड का पक्ष भी सीबीआई की टीम लेगी। पटना एम्स को नहीं मिली केस डायरी और एफएसएल रिपोर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पहली बार छात्रा के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई गई थी। कुछ दिन के बाद एफएसएल की रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रा के कपड़े पर स्पर्म मिला है। एफएसएल की रिपोर्ट के बाद विवाद गहरा गया। इसके बाद एक्सपर्ट ओपिनियन के लिए पटना पुलिस ने एम्स के डॉक्टरों से संपर्क किया। हालांकि एम्स की टीम ने अब तक एसआईटी को एक्सपर्ट ओपिनियन नहीं सौंपा है। एम्स के डॉक्टरों को केस डायरी, एफएसएल रिपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट नहीं सौंपे गए हैं। सीबीआई ने भी अबतक पटना एम्स से संपर्क नहीं किया है। 12 जनवरी को लिया था केस जहानाबाद की छात्रा 5 जनवरी को वह घर से हॉस्टल लौटी थी। 6 जनवरी को करीब 4 बजे उसे बेहोशी की स्थिति में कमरे से बाहर निकाला गया था। इसके बाद उसका इलाज सहज सर्जरी, प्रभात मेमोरियल और मेदांता अस्पताल में हुआ। 11 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई। 31 जनवरी को बिहार सरकार ने केस सीबीआई को ट्रांसफर करने की घोषणा की। 12 फरवरी को सीबीआई ने केस टेकओवर कर लिया।


