सीबीआई ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए Ex-Servicemen Contributory Health Scheme (ECHS) के एक मेडिकल ऑफिसर मेडिकल ऑफिसर मेजर (रिटायर्ड) डॉ. आशीष शाक्य और एक निजी अस्पताल के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों मिलकर मरीजों को निजी अस्पताल में रेफर करने के बदले रिश्वत ले रहे थे। CBI के अनुसार, 15 मार्च 2026 को दर्ज मामले में कुल पांच आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें ECHS का एक मेडिकल ऑफिसर, एक निजी कंपनी और उस कंपनी/अस्पताल के तीन प्रतिनिधि शामिल हैं। जांच में सामने आया कि मेडिकल ऑफिसर कथित तौर पर निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत कर मरीजों को उस अस्पताल में भेज रहा था और इसके बदले अवैध धनराशि ले रहा था। CBI ने जाल बिछाकर कार्रवाई की। ट्रैप ऑपरेशन के दौरान 3 लाख रुपये की रिश्वत निजी अस्पताल के प्रतिनिधि द्वारा मेडिकल ऑफिसर को देते समय बरामद की गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को 15 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान CBI ने नोएडा, एटा, फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद समेत कई स्थानों पर तलाशी भी ली। तलाशी में कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। CBI के अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच अभी जारी है और आगे और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


