नवादा जिला आवारा कुत्तों की देखभाल, उनके रहने के प्रबंध और टीकाकरण के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने वाला राज्य का पहला जिला बन गया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सत्येंद्र प्रसाद वर्मा ने यह जानकारी दी। वर्मा ने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद नवादा ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कुत्तों को पकड़ने के लिए एक विशेष वाहन तैयार किया गया है। पकड़े गए कुत्तों को रखने के लिए एक भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो एक सप्ताह के भीतर तैयार हो जाएगा। इस भवन में कुत्तों को भोजन दिया जाएगा और दो-तीन दिनों तक उनकी निगरानी की जाएगी। उपचार के बाद कुत्तों को छोड़ जाएगा निगरानी के बाद, यदि कुत्ते मानव के अनुकूल पाए जाते हैं, तो उन्हें रेबीज-रोधी टीका लगाया जाएगा। उपचार के बाद, इन कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। इस कार्य के लिए एक एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है। पूरे बिहार को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। नवादा में आवारा कुत्तों का सर्वेक्षण भी किया जाएगा, जिससे उनकी संख्या और वितरण का पता चलेगा। शहर के चौक-चौराहों और अन्य स्थानों पर आवारा कुत्तों का आतंक देखा जाता है, जिससे हर साल सैकड़ों लोग घायल होते हैं। कुछ मामलों में दुर्घटनाओं में जान भी चली जाती है। 42 वार्डों में 10,680 मामले दर्ज अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2023 से दिसंबर 2023 तक नवादा नगर परिषद क्षेत्र के 42 वार्डों में कुत्ते के काटने के कुल 10,680 मामले दर्ज किए गए। मासिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में 1264, मई में 910, जून में 743, जुलाई में 896, अगस्त में 1031, सितंबर में 1126, अक्टूबर में 1020, नवंबर में 1200 और दिसंबर में 1490 लोगों को कुत्तों ने काटा। नवादा जिला आवारा कुत्तों की देखभाल, उनके रहने के प्रबंध और टीकाकरण के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने वाला राज्य का पहला जिला बन गया है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सत्येंद्र प्रसाद वर्मा ने यह जानकारी दी। वर्मा ने बताया कि शहर में आवारा कुत्तों से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद नवादा ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कुत्तों को पकड़ने के लिए एक विशेष वाहन तैयार किया गया है। पकड़े गए कुत्तों को रखने के लिए एक भवन का निर्माण किया जा रहा है, जो एक सप्ताह के भीतर तैयार हो जाएगा। इस भवन में कुत्तों को भोजन दिया जाएगा और दो-तीन दिनों तक उनकी निगरानी की जाएगी। उपचार के बाद कुत्तों को छोड़ जाएगा निगरानी के बाद, यदि कुत्ते मानव के अनुकूल पाए जाते हैं, तो उन्हें रेबीज-रोधी टीका लगाया जाएगा। उपचार के बाद, इन कुत्तों को उसी स्थान पर छोड़ दिया जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। इस कार्य के लिए एक एजेंसी को भी नियुक्त किया गया है। पूरे बिहार को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। नवादा में आवारा कुत्तों का सर्वेक्षण भी किया जाएगा, जिससे उनकी संख्या और वितरण का पता चलेगा। शहर के चौक-चौराहों और अन्य स्थानों पर आवारा कुत्तों का आतंक देखा जाता है, जिससे हर साल सैकड़ों लोग घायल होते हैं। कुछ मामलों में दुर्घटनाओं में जान भी चली जाती है। 42 वार्डों में 10,680 मामले दर्ज अस्पताल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2023 से दिसंबर 2023 तक नवादा नगर परिषद क्षेत्र के 42 वार्डों में कुत्ते के काटने के कुल 10,680 मामले दर्ज किए गए। मासिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में 1264, मई में 910, जून में 743, जुलाई में 896, अगस्त में 1031, सितंबर में 1126, अक्टूबर में 1020, नवंबर में 1200 और दिसंबर में 1490 लोगों को कुत्तों ने काटा।


