कानपुर के कल्याणपुर में राज्य कर विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे जीएसटी पंजीकरण कर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया है। सहायक आयुक्त राज्य कर डॉ. सुनील कुमार की तहरीर पर कल्याणपुर थाने में आरोपी फर्म संचालिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की डॉ. सुनील कुमार के अनुसार किसान एंटरप्राइजेज नामक फर्म ने कानपुर व आसपास के क्षेत्र में एक ऐसे पते पर जीएसटी पंजीकरण कराया था, जो मौके पर जांच के दौरान अस्तित्व में ही नहीं मिला। यह पंजीकरण अगस्त 2024 में कराया गया था। विभागीय टीम ने 23 मई 2025 को जब स्थलीय सत्यापन किया तो वहां किसी भी प्रकार की व्यापारिक गतिविधि नहीं पाई गई। जांच में सामने आया कि फर्म की स्वामिनी ज्योति, जो हरियाणा की निवासी है, ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी पता दर्शाकर जीएसटी पंजीकरण हासिल किया था। जीएसटी पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के विश्लेषण में बड़ा घोटाला उजागर हुआ। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 1.95 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाकर लगभग 35 लाख रुपए का कर नहीं चुकाया गया। वहीं 2025-26 में मई माह तक 18.94 करोड़ रुपये का कारोबार दर्शाते हुए करीब 3.40 करोड़ रुपये का टैक्स भुगतान नहीं किया गया। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 3.40 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है। मुकदमा दर्जकर जांच शुरू कल्याणपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।


