Jaipuria Hospital: जयपुर में राजकीय जयपुरिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इमरजेंसी में दिखाने आई महिला मरीज और रेजिडेंट डॉक्टर आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में मामला दर्ज करवाया है।
महिला मरीज पर रेजिडेंट डॉक्टरों ने मारपीट का आरोप लगाते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया। चिकित्सकों ने पुलिस थाने में भी उनकी कोई सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया। बल्कि डॉक्टरों को ही फटकार लगा दी गई। राजकार्य में बाधा की धारा नहीं लगाई गई।
डॉक्टर के चेहरे पर नोचने के निशान
जयपुरिया अस्पताल की रेजिडेंट डॉक्टर संजना कुमारी ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि शुक्रवार को उसके साथ एक मरीज ने हाथापाई की। अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उसके चेहरे पर नोचने के निशान हैं। ऑन ड्यूटी महिला गार्ड के साथ मारपीट की गई। रेजिडेंट का आरोप है कि महिला और उसके परिजनों ने मना करने के बावजूद लेबर रूम में घुसने की कोशिश की।
मरीज का आरोप, डॉक्टरों ने लेबर रूम में पीटा
वहीं, भागीरथ नगर गोपालपुरा निवासी पूनम साहू ने रिपोर्ट दी कि उसके पेट में तेज दर्द हो रहा था। वह जयपुरिया अस्पताल आई। इमरजेंसी में दो इंजेक्शन भी लगाए तथा दस मिनट इंतजार करने के लिए कहा गया। दोबारा गईं तो डॉक्टर आपस में गपशप और फोन पर बात करने में मशगूल थे। उसने कहा कि बात बाद में कर लेना मुझे आप देख लो बहुत तेज दर्द है। एक चिकित्सक ने कहा कि यहां तो ऐसा ही होगा, किसी दूसरे अस्पताल में दिखा लो। विरोध करने पर फीमेल गार्ड और तीन चार चिकित्सकों ने लेबर रूम में ले जाकर उसके साथ मारपीट की। मोबाइल छीन लिया।
रेजिडेंट्स की मांगें
महिला को गिरफ्तार किया जाए, गलत व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। कार्रवाई नहीं होने पर डॉक्टर आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे।
अधीक्षक बोले, माहौल खराब किया गया
महिला का पूरा चेकअप किया गया। वह गर्भवती नहीं थी। इसके बावजूद माहौल खराब किया गया।
डॉ. जीवराज सिंह, अधीक्षक, जयपुरिया अस्पताल
इनका कहना है
डॉक्टरों के कहने पर राजकार्य में बाधा की धारा लगी हुई है। उधर महिला के साथ भी मारपीट की गई है। महिला अस्पताल में भर्ती है। महिला की तरफ से भी मामला दर्ज किया जा चुका है।
पूनम चौधरी, थाना प्रभारी, बजाज नगर


