भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा गीदम स्थित नेशनल हाईवे किनारे संचालित लक्ष्मी मेटल इंडस्ट्रीज के क्रशर में हुई तेज ब्लास्टिंग से करीब 400 मीटर दूर तक पत्थर उड़कर एक स्कूल की छत टूटने के मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। घटना की जांच एसडीएम स्तर पर की जा रही है, वहीं पुलिस ने क्रशर संचालक रंजीत कुमार, दो मैनेजर और ब्लास्टिंग करने वाले कर्मचारी इजराइल के खिलाफ गीदम थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी विजय पटेल के मुताबिक बीएनएस की धारा 288, 324(5), 326(7) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पत्थर तोड़ने के लिए बारूद की मात्रा अधिक इस्तेमाल की गई। बारूद जमीन के भीतर कम और ऊपरी हिस्से में ज्यादा लगाया गया, जिससे विस्फोट का दबाव ऊपर की ओर निकला और बड़े-बड़े पत्थर सैकड़ों मीटर दूर जा गिरे। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्कूल की छत क्षतिग्रस्त होने से अभिभावकों और ग्रामीणों में दहशत है। प्रशासन ने तकनीकी पहलुओं की भी जांच के निर्देश दिए हैं। धुरली और गुमड़ा में भी लगे लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि केवल गीदम ही नहीं, धुरली और गुमड़ा क्षेत्र के क्रशर प्लांटों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। धुरली में दंतेवाड़ा-बैलाडीला स्टेट हाईवे से महज 50 मीटर दूरी पर वर्षों से क्रशर संचालित है। इसके 100 मीटर दायरे में दो आश्रम शालाएं और घनी आबादी है। ग्रामीणों का कहना है कि बाउंड्रीवाल और सुरक्षा इंतजाम तक नहीं हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गुमड़ा, मदाड़ी और पनेड़ा में भी इसी तरह नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


