वाराणसी के लोहता थानाक्षेत्र के छितौनी गांव के रहने वाले किशोर साहिल प्रजापति (12) की एक्सीडेंट में मौत हुई थी। सोमवार को हुई मौत के बाद मंगलवार को जब शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों ने ग्रामीणों के साथ शव को सड़क पर रखकर सड़क जाम कर दी थी। मृतक के परिजन एक्सीडेंट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान कोटवां-लहरतारा मुख्य मार्ग दोपहर 1.30 से 4.45 तक बंद रहा। जिससे आवागमन बाधित रहा साथ ही लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में सब इंस्पेक्टर मोहम्मद परवेज की तहरीर पर लोहता थाने पर 4 मार्च को 7 सीएलए सहित अन्य धाराओं में 7 नामजद और 40-50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसके बाद गांव में चर्चा का माहौल गर्म है। घर सामान लेने निकला था किशोर लोहता थाना प्रभारी राजबहादुर यादव ने बताया – सोमवार की शाम छितौनी निवासी साहिल प्रजापति(12) छितौनी बंधे के पास सामान लेने निकला था। इसी दौरान एक बाइक ने उसे टक्कर मारी और जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई । इस घटना के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्चरी भेजवाया था। जहां मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया था। कोटवां-लहरतारा मार्ग पर लगाया जाम थाना प्रभारी ने बताया – इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो उन्होंने कोटवां-लहरतारा मार्ग पर जाम लगा दिया और आरोपी को पकड़ने और उचित मुआवजे की मांग करने लगे। इसपर उन्हें आश्वासन दिया गया और कुछ ही देर में आरोपी को पकड़ लिया गया और उचित मुआवजे का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया गया। यह जाम 1 बजकर 45 मिनट दोपहर से 4 बजकर 15 मिनट तक चला। इससे ढाई घंटा यातायात प्रभावित रहा। सब इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज यातायात प्रभावित होने और अव्यवस्था उत्पन्न करने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। सब इंस्पेक्टर मोहम्मद परवेज ने जाम और अव्यवस्था को देखते हुए 7 नामजद और 40 से 50 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। इस तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में लिखा गया है – साहिल प्रजपति की जिस बाइक की टक्कर मौत हुई थी। उसके चालक अरविंद राजभर को हिरासत में ले लिया गया था लेकिन मृतक के परिजनों को कुछ लोगों द्वारा उकसाया गया और सड़क पर शव रखवा दिया गया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। समझाने पर की धक्का-मुक्की और दी धमकी सब इंस्पेक्टर ने तहरीर में लिखा है – हमने जब कोटवां से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया और उनसे समझाने का प्रयास किया गया तो हमसे धक्का मुक्की की गई। इसपर उन्हें बार-बार समझाया गया लेकिन सतीश विश्वकर्मा, प्रदीप प्रजापति, ओमप्रकाश शर्मा, रंजीत विश्वकर्मा, संजय प्रजापति, सुनील प्रजापति और प्रकाश राजभर सहित 40-50 अज्ञता लगातार नारेबाजी करते रहे और कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं थे दर्ज कराई FIR मोहम्मद परवेज ने बताया – किसी तरह थाना प्रभारी ने जाम समाप्त कराया लेकिन इस दौरान ढाई घंटे लगे जाम को छुड़ाने में और 2 घंटे लग गए। ऐसे में थाना लोहता में बीएनएस की धारा – 191(2), 121(1), 132, 126 और औरअधिक कानून ( संशोधन) अधिनियम 1932 (7 CLA) में मुकदमा पंजीकृत कराया है । अब सीसीटीवी फुटेज से सभी की शिनाख्त की जा रही है।


