इलाज में लापरवाही के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने मैग्नस हॉस्पिटल को अंतिम नोटिस जारी किया है। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने स्पष्ट किया कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। मामला 2024 में अपूर्वा जोशी की डिलिवरी और उनके नवजात पुत्र के उपचार से जुड़ा है, जिसमें परिजनों ने लापरवाही से बच्चे की दृष्टि प्रभावित होने का आरोप लगाया था। शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने पर जांच के निर्देश दिए गए। अस्पताल प्रबंधन ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में रिट दायर की, जिस पर अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर अस्थायी रोक लगाई गई, जबकि पुराने मरीजों का इलाज जारी रखने की अनुमति दी गई। विभाग के अनुसार पूर्व में जारी नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, इसलिए 16 मार्च 2026 को पुनः जवाब मांगा है। प्रबंधक ने कहा- जवाब दिया था मैग्नस हॉस्पिटल की प्रबंधक कमल शर्मा ने कहा कि हमने 8 अगस्त 2024 को ही नोटिस का जवाब दे दिया था, जिसकी प्राप्ति भी संबंधित कार्यालय ने ली थी। अब तक किसी भी स्तर पर अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सकों की लापरवाही प्रमाणित नहीं हुई है।


