राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में एक प्राइवेट कंपनी के बैंक खाते को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए अधिकृत हस्ताक्षर बदलकर खाते पर कब्जा करने की कोशिश की गई। मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक के पत्र से सामने आई पूरी साजिश
मामला तब सामने आया जब कंपनी के निदेशक को केनरा बैंक, हजरतगंज शाखा से एक पत्र प्राप्त हुआ। इसमें बताया गया कि एक व्यक्ति द्वारा बैंक को पत्र भेजकर कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षर बदलने तक खाते से लेनदेन पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही एक कथित रिजोल्यूशन भी संलग्न था, जिसने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।
फर्जी दस्तावेजों में नहीं थे असली निदेशकों के हस्ताक्षर
जांच में सामने आया कि जिस रिजोल्यूशन के आधार पर हस्ताक्षर बदलने की बात कही गई, उसमें कंपनी के मौजूदा निदेशकों के हस्ताक्षर ही नहीं थे। इसके बावजूद दस्तावेजों के जरिए बैंक को गुमराह करने की कोशिश की गई।
निदेशकों को हटाने और खाते पर कब्जे की थी योजना
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने संगठित तरीके से योजना बनाकर कंपनी के असली निदेशकों को हटाने और बैंक खाते पर कब्जा करने की कोशिश की। इसके पीछे वित्तीय लाभ हासिल करने की मंशा बताई जा रही है।
BNS की गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
हजरतगंज थाने में दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जो धोखाधड़ी, कूटरचना और साजिश जैसे अपराधों से संबंधित हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
संगठित अपराध के एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस पूरे मामले को संगठित साजिश के रूप में भी देख रही है। बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संबंधित लोगों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
FIR दर्ज होने वाले आरोपी और उनकी भूमिका
अमोद कुमार सचान: कंपनी के पूर्व/संलग्न व्यक्ति, मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप।
राजशेखर (पुत्र अमोद कुमार सचान):कंपनी के निदेशक (विदेश में निवास), जिनके नाम और हस्ताक्षर के दुरुपयोग का आरोप।
संजय सिंह:बैंक को पत्र भेजकर खाते के संचालन पर रोक लगाने की पहल करने वाला व्यक्ति।
सूर्यकांत श्रीवास्तव:फर्जी रिजोल्यूशन में प्रस्तावित अधिकृत हस्ताक्षरी।
विमल प्रकाश खरे:कथित फर्जी रिजोल्यूशन पर हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति।
अखिलेश कुमार:कथित फर्जी रिजोल्यूशन पर हस्ताक्षर करने वाला दूसरा व्यक्ति।


