मधुबनी नगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने 2 लाख रुपए ठग लिए। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित के भाई ने फोन कर वीजा रद्द होने की बात पूछी। इसके बाद पीड़ित ने जिला साइबर थाने में इसकी शिकायत की। कैसे हुई घटना ? दरअसल यह मामला मामला 8 अक्टूबर 2025 का है। पीड़ित शख्स की पहचान भच्छी गोआ पोखर भौआरा निवासी मो. सलाहुद्दीन अंसारी के पुत्र मो. हिफजुर रहमान के रूप में हुई है। मो. हिफजुर रहमान ने अपनी शिकायत में बताया कि अपराधियों ने उनके भाई मो. अबु अकरमा की फेसबुक आईडी और व्हाट्सएप हैक कर उन्हें संदेश भेजा। मैसेंजर और व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के दौरान ठगों ने हिफजुर को बताया कि उसने उनके बैंक खाते में 4.5 लाख रुपए भेजे हैं, जो 24 घंटे के भीतर जमा हो जाएंगे। वीजा रद्द होने के बहाने मांगे पैसे पीड़ित का कहना है मैसेज आने कुछ देर बाद, साइबर अपराधी ने दोबारा मैसेज कर कहा कि किसी कारणवश उनका वीजा रद्द हो सकता है। इसे ठीक करवाने के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अपराधी ने हिफजुर रहमान से कहा कि वीजा रद्द होने से बचाने के लिए उन्हें तत्काल 2 लाख रुपए ट्रांसफर करने होंगे, और यह राशि उनके खाते में 4.5 लाख रुपए आने के बाद वापस कर दी जाएगी। भाई ने पैसे लेने से किया इनकार रहमान का कहना है कि इसके बाद मैने 1.70 लाख रुपए और फिर 30 हजार रुपए, कुल 2 लाख रुपए भेज दिया। बाद में, जब मैने अपने भाई को फोन कर वीजा रद्द होने के बारे में पूछा, तब पता चला कि मैसेंजर और वॉट्सऐप पर उनसे बात करने वाला उनका भाई नहीं, बल्कि साइबर अपराधी थे। इसके तुरंत बाद उन्होंने जिला साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस अधिकारी ने क्या कहा ? मधुबनी के साइबर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना इंचार्ज अंकुर कुमार ने बुधवार रात 10 बजे बताया कि यह घटना 8 अक्टूबर 2025 की है और प्राथमिकी 6 जनवरी 2026 को दर्ज की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कुमार ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही इसका खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मधुबनी नगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने 2 लाख रुपए ठग लिए। घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित के भाई ने फोन कर वीजा रद्द होने की बात पूछी। इसके बाद पीड़ित ने जिला साइबर थाने में इसकी शिकायत की। कैसे हुई घटना ? दरअसल यह मामला मामला 8 अक्टूबर 2025 का है। पीड़ित शख्स की पहचान भच्छी गोआ पोखर भौआरा निवासी मो. सलाहुद्दीन अंसारी के पुत्र मो. हिफजुर रहमान के रूप में हुई है। मो. हिफजुर रहमान ने अपनी शिकायत में बताया कि अपराधियों ने उनके भाई मो. अबु अकरमा की फेसबुक आईडी और व्हाट्सएप हैक कर उन्हें संदेश भेजा। मैसेंजर और व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के दौरान ठगों ने हिफजुर को बताया कि उसने उनके बैंक खाते में 4.5 लाख रुपए भेजे हैं, जो 24 घंटे के भीतर जमा हो जाएंगे। वीजा रद्द होने के बहाने मांगे पैसे पीड़ित का कहना है मैसेज आने कुछ देर बाद, साइबर अपराधी ने दोबारा मैसेज कर कहा कि किसी कारणवश उनका वीजा रद्द हो सकता है। इसे ठीक करवाने के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अपराधी ने हिफजुर रहमान से कहा कि वीजा रद्द होने से बचाने के लिए उन्हें तत्काल 2 लाख रुपए ट्रांसफर करने होंगे, और यह राशि उनके खाते में 4.5 लाख रुपए आने के बाद वापस कर दी जाएगी। भाई ने पैसे लेने से किया इनकार रहमान का कहना है कि इसके बाद मैने 1.70 लाख रुपए और फिर 30 हजार रुपए, कुल 2 लाख रुपए भेज दिया। बाद में, जब मैने अपने भाई को फोन कर वीजा रद्द होने के बारे में पूछा, तब पता चला कि मैसेंजर और वॉट्सऐप पर उनसे बात करने वाला उनका भाई नहीं, बल्कि साइबर अपराधी थे। इसके तुरंत बाद उन्होंने जिला साइबर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस अधिकारी ने क्या कहा ? मधुबनी के साइबर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना इंचार्ज अंकुर कुमार ने बुधवार रात 10 बजे बताया कि यह घटना 8 अक्टूबर 2025 की है और प्राथमिकी 6 जनवरी 2026 को दर्ज की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कुमार ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही इसका खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


