देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में दो नए फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंदिर प्रांगण में निर्माण कार्य के लिए की जा रही खुदाई से पुरोहितों और स्थानीय लोगों में चिंता है। इस मुद्दे पर अब खुलकर विरोध सामने आ रहा है। मंदिर के पुरोहितों का कहना है कि खुदाई वाले स्थान पर प्राचीन शिलाएं मौजूद हैं, जिनका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य से इन शिलाओं को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे मंदिर की मूल संरचना और परंपरा प्रभावित होगी। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है: पुरोहित पुरोहितों ने जोर देकर कहा कि मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है। उनका मत है कि कोई भी निर्माण कार्य समुचित योजना और विशेषज्ञों की सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए मंदिर परिसर को नुकसान पहुंचाना उचित समाधान नहीं है। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किसी वैकल्पिक स्थान पर किया जाए। उनका मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की सुविधा भी बनी रहेगी और मंदिर की प्राचीन संरचना भी सुरक्षित रहेगी। इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। हालांकि, बढ़ते विरोध को देखते हुए जल्द ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल, मंदिर परिसर में इस मुद्दे को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में दो नए फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंदिर प्रांगण में निर्माण कार्य के लिए की जा रही खुदाई से पुरोहितों और स्थानीय लोगों में चिंता है। इस मुद्दे पर अब खुलकर विरोध सामने आ रहा है। मंदिर के पुरोहितों का कहना है कि खुदाई वाले स्थान पर प्राचीन शिलाएं मौजूद हैं, जिनका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य से इन शिलाओं को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे मंदिर की मूल संरचना और परंपरा प्रभावित होगी। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है: पुरोहित पुरोहितों ने जोर देकर कहा कि मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर भी है। उनका मत है कि कोई भी निर्माण कार्य समुचित योजना और विशेषज्ञों की सलाह के बिना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए मंदिर परिसर को नुकसान पहुंचाना उचित समाधान नहीं है। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किसी वैकल्पिक स्थान पर किया जाए। उनका मानना है कि इससे श्रद्धालुओं की सुविधा भी बनी रहेगी और मंदिर की प्राचीन संरचना भी सुरक्षित रहेगी। इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। हालांकि, बढ़ते विरोध को देखते हुए जल्द ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल, मंदिर परिसर में इस मुद्दे को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है।


