मायागंज अस्पताल में मरीज के परिजनों से ठगी का मामला:एम्बुलेंस चालक ने बेहतर इलाज के नाम पर रुपए लिए, आरोपी का भाई हिरासत में

मायागंज अस्पताल में मरीज के परिजनों से ठगी का मामला:एम्बुलेंस चालक ने बेहतर इलाज के नाम पर रुपए लिए, आरोपी का भाई हिरासत में

भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में एक फर्जी डॉक्टर को मरीज के परिजनों से ठगी करते हुए पकड़ा गया। आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर बेहतर इलाज का झांसा दे रहा था। परिजनों द्वारा पकड़े जाने पर अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। जानकारी के अनुसार, खगड़िया जिले के निवासी लाल बाबू नामक एक वृद्ध पिछले चार दिनों से मायागंज अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती हैं। इसी दौरान अख्तर नामक एक निजी एम्बुलेंस चालक वार्ड में पहुंचा और खुद को डॉक्टर बताया। उसने मरीज के परिजनों को बेहतर इलाज, जांच और सुविधा दिलाने का भरोसा देकर उनसे 1200 रुपए ठग लिए और मौके से फरार हो गया। कुछ दिनों बाद, आरोपी अख्तर दोबारा अस्पताल पहुंचा और किसी अन्य मरीज के परिजनों को निशाना बनाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान लाल बाबू के परिजनों ने उसे पहचान लिया। उन्होंने अख्तर को पकड़ लिया और अपने पैसे वापस मांगने लगे। देखते ही देखते वार्ड में हंगामा शुरू हो गया और अन्य मरीजों व लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामे के दौरान मुख्य आरोपी अख्तर अपनी एम्बुलेंस छोड़कर अस्पताल परिसर से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से उसके भाई को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले गई। अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना है कि अख्तर पहले भी कई बार खुद को डॉक्टर या अस्पताल कर्मी बताकर मरीजों के परिजनों से इलाज, जांच और बेड दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े अस्पताल में बाहरी लोगों का आसानी से वार्डों में प्रवेश करना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। बरारी थाना प्रभारी बिट्टू कुमार ने बताया कि यह पैसे के लेन-देन को लेकर एक मामूली विवाद था, जिसे आपसी समझौते से सुलझा लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में एक फर्जी डॉक्टर को मरीज के परिजनों से ठगी करते हुए पकड़ा गया। आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर बेहतर इलाज का झांसा दे रहा था। परिजनों द्वारा पकड़े जाने पर अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। जानकारी के अनुसार, खगड़िया जिले के निवासी लाल बाबू नामक एक वृद्ध पिछले चार दिनों से मायागंज अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती हैं। इसी दौरान अख्तर नामक एक निजी एम्बुलेंस चालक वार्ड में पहुंचा और खुद को डॉक्टर बताया। उसने मरीज के परिजनों को बेहतर इलाज, जांच और सुविधा दिलाने का भरोसा देकर उनसे 1200 रुपए ठग लिए और मौके से फरार हो गया। कुछ दिनों बाद, आरोपी अख्तर दोबारा अस्पताल पहुंचा और किसी अन्य मरीज के परिजनों को निशाना बनाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान लाल बाबू के परिजनों ने उसे पहचान लिया। उन्होंने अख्तर को पकड़ लिया और अपने पैसे वापस मांगने लगे। देखते ही देखते वार्ड में हंगामा शुरू हो गया और अन्य मरीजों व लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामे के दौरान मुख्य आरोपी अख्तर अपनी एम्बुलेंस छोड़कर अस्पताल परिसर से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से उसके भाई को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले गई। अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना है कि अख्तर पहले भी कई बार खुद को डॉक्टर या अस्पताल कर्मी बताकर मरीजों के परिजनों से इलाज, जांच और बेड दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े अस्पताल में बाहरी लोगों का आसानी से वार्डों में प्रवेश करना सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। बरारी थाना प्रभारी बिट्टू कुमार ने बताया कि यह पैसे के लेन-देन को लेकर एक मामूली विवाद था, जिसे आपसी समझौते से सुलझा लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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