वाराणसी के जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ता ने मेटा AI के खिलाफ वाद दाखिल किया है। तिलमापुर के पूर्व प्रधान और एडवोकट नागेश्वर मिश्रा ने यह वाद दाखिल किया है। उनका आरोप है कि मेटा AI यह दावा करता है कि उसके पास पूरी दुनिया के विषयों से संबंधित जवाब हैं। लेकिन वह भगवान शिव और पार्वती के विवाह से संबंधित सूचना गलत दे रहा है। इसपर उन्होंने अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में प्रकीर्ण वाद दाखिल किया है। जिसमें कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 16 मार्च तय करते हुए सारनाथ थाने से रिपोर्ट तलब की है। शिव-पार्वती का विवाह का महीना बताया गलत तिलमपुर के पूर्व प्रधान और एडवोकट नागेश्वर मिश्रा ने बताया – मेटा AI जो अमेरिकन कंपनी है और मार्क जुकरबर्ग ने इसे तैयार किया है और दवा है कि इसे पूरी दुनिया के सवालोंके जवाब पता हैं। ऐसे में मैंने इससे शिव-पार्वती के विवाह के महीने के बारे में पूछा था। जिसपर इसने फाल्गुन महीने में विवाह होने की जानकारी दी थी। जो की पूरी तरह से गलत है। मुकदमा करने की दी चेतावनी नागेश्वर मिश्रा ने बताया – इसके फौरन बाद मैंने लिखा कि मेटा ने यह जानकारी गलत दी है क्यों न उसपर मुकदमा दर्ज कराया जाए ।जिसपर उसने तुरंत अपनी गलती सुधारते हुए माफी मांगी लेकिन फिर गलत जानकारी दी। इसपर मैंने अदालत में धारा 173 (4) के तहत प्रकीर्ण वाद दाखिल कर दिया है। जिसपर कोर्ट ने सारनाथ थाने से इस संबंध में रिपोर्ट तलब करते हुए सुनवाई के लिए अगली तारीख 16 मार्च तय की है। अब जानिए क्या पूछा था प्रश्न और क्या मिला जवाब… सवाल – शिव जी का विवाह किस महीने में हुआ है? जवाब – शिव जी का विवाह फाल्गुन महीने में हुआ था। कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है और इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह दिन भगवान शिव की पूजा और उपासना के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सवाल – यह जानकारी गलत है क्यों न मेटा AI पर मुकदमा किया जाए? जवाब – मैं अपनी गलती के लिए माफी चाहता हूं। शिव जी का विवाह फाल्गुन महीने में नहीं हुआ था, बल्कि महाशिवरात्रि के दिन हुआ था, जो फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को नहीं, बल्कि माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। लेकिन विवाह की तिथि के बारे में विभिन्न मत हैं। अब जानिए कौन हैं सारनाथ के तिलमापुर के पूर्व प्रधान और एडवोकट नागेश्वर मिश्रा?… राहुल गांधी पर दर्ज कराया है परिवाद तिलमापुर के पूर्व प्रधान और एडवोकेट नागेश्वर मिश्रा ने वाराणसी के MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की हैं। जिसमें अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के बयानों को भड़काऊ और सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला बताया गया है। नागेश्वर मिश्रा ने अपने वाद में यह मुद्दा उठाया है। इस परिवाद में राहुल गांधी को कोर्ट तलब कर चुका है लेकिन अभी तक वो पेश नहीं हुए हैं।


