मुजफ्फरपुर में नीट छात्रा की मौत के विरोध में आज शाम कैंडल मार्च निकाला गया। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई इस घटना के खिलाफ सनातन सेवक संस्थान के आह्वान पर कांग्रेस नेताओं सहित सैकड़ों आम नागरिकों ने प्रदर्शन किया। कैंडल मार्च शहर के खुदीराम बोस स्मारक से शुरू होकर भारत माता पार्क तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाली तख्तियां ले रखी थीं। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में बिहार के कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि सीबीआई जांच केवल मुख्य आरोपियों को बचाने का एक तरीका हो सकती है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को जल्द सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 3 फरवरी को जहानाबाद से पटना तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। सड़क से सदन तक आंदोलन का ऐलान कांग्रेस नेता डॉ गौरव वर्मा और धर्मवीर शुक्ला ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 3 फरवरी से जहानाबाद के पटियासा से पटना तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को सड़क से लेकर सदन तक उग्र रूप दिया जाएगा। बिहार में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल मार्च के समापन पर भारत माता पार्क में दो मिनट का मौन रखकर मृतका को श्रद्धांजलि दी गई। वहां मौजूद महिलाओं और युवाओं ने भावुक होते हुए कहा कि बिहार में बेटियां अब असुरक्षित महसूस कर रही हैं। मुजफ्फरपुर का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि अब न्याय की मांग एक प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। जनता ने साफ कर दिया है कि जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, वे चुप नहीं बैठेंगे। मुजफ्फरपुर में नीट छात्रा की मौत के विरोध में आज शाम कैंडल मार्च निकाला गया। पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई इस घटना के खिलाफ सनातन सेवक संस्थान के आह्वान पर कांग्रेस नेताओं सहित सैकड़ों आम नागरिकों ने प्रदर्शन किया। कैंडल मार्च शहर के खुदीराम बोस स्मारक से शुरू होकर भारत माता पार्क तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाली तख्तियां ले रखी थीं। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में बिहार के कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि सीबीआई जांच केवल मुख्य आरोपियों को बचाने का एक तरीका हो सकती है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को जल्द सजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 3 फरवरी को जहानाबाद से पटना तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। सड़क से सदन तक आंदोलन का ऐलान कांग्रेस नेता डॉ गौरव वर्मा और धर्मवीर शुक्ला ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 3 फरवरी से जहानाबाद के पटियासा से पटना तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को सड़क से लेकर सदन तक उग्र रूप दिया जाएगा। बिहार में बेटियों की सुरक्षा पर सवाल मार्च के समापन पर भारत माता पार्क में दो मिनट का मौन रखकर मृतका को श्रद्धांजलि दी गई। वहां मौजूद महिलाओं और युवाओं ने भावुक होते हुए कहा कि बिहार में बेटियां अब असुरक्षित महसूस कर रही हैं। मुजफ्फरपुर का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि अब न्याय की मांग एक प्रदेशव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। जनता ने साफ कर दिया है कि जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, वे चुप नहीं बैठेंगे।


