Cancer Treatment: नोटिफिएबल डिजीज बना कैंसर! तेलंगाना सरकार का बड़ा फैसला, जानें इसका मतलब और फायदा

Cancer Treatment: नोटिफिएबल डिजीज बना कैंसर! तेलंगाना सरकार का बड़ा फैसला, जानें इसका मतलब और फायदा

Cancer Treatment: आज के समय में कैंसर एक आम बीमारी की तरह आगे बढ़ रहा है। कैंसर विशेषज्ञों से लेकर सरकार तक सब अपने-अपने स्तर पर प्रयास कर रहें है, फिर भी इसका कोई पुख्ता तोड़ अभी तक नहीं निकाला गया है। इसी क्रम में तेलंगाना सरकार ने कैंसर को नोटिफिएबल डिजीज (अधिसूचित बीमारी) घोषित कर दिया है। अब राज्य के सभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के लिए कैंसर के हर नए मरीज की रिपोर्ट सरकार को देना कानूनी रूप से जरूरी होगा।

क्या है सरकार का बड़ा फैसला?

तेलंगाना के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब राज्य के भीतर कैंसर का पता चलने पर उसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को देना अनिवार्य है। इसमें पैथोलॉजी लैब, डायग्नोस्टिक सेंटर और सभी छोटे-बड़े अस्पतालों को शामिल किया गया है। अभी तक यह नियम केवल संक्रामक बीमारियों (जैसे टीबी या हैजा) के लिए था, लेकिन अब कैंसर जैसी गैर-संक्रामक बीमारी को इसमें जोड़कर सरकार ने इसे प्राथमिकता पर रखा है। अब कैंसर को उन बीमारियों की सूची में डाल दिया गया है जिनकी जानकारी छिपाना मुमकिन नहीं होगा। यह फैसला न केवल मरीजों की ट्रैकिंग में मदद करेगा, बल्कि कैंसर अनुसंधान (रिसर्च) के क्षेत्र में भी नई दिशा देगा।

क्या होती है नोटिफिएबल डिजीज?

Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, नोटिफिएबल डिजीज में वे बीमारियां आती हैं जिसकी जानकारी कानूनन सरकारी तंत्र को देना आवश्यक है। जब कोई बीमारी इस श्रेणी में आती है, तो डॉक्टर या अस्पताल के लिए मरीज की पहचान और बीमारी की स्टेज का विवरण साझा करना जरूरी हो जाता है। इससे सरकार को यह पता चलता है कि समाज में बीमारी किस स्तर पर और किन इलाकों में ज्यादा फैल रही है। जानकारी न देने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सरकार के इस फैसले से क्या फायदा होगा?

राज्य स्तरीय कैंसर रजिस्ट्री तैयार होगी, जिससे मरीजों की संख्या का सही अनुमान लगेगा। जब हर केस रिपोर्ट होगा, तो सरकार को पता चलेगा कि किस क्षेत्र में किस तरह के कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। आंकड़ों के आधार पर ही सरकार नए कैंसर अस्पताल खोलने या कीमोथेरेपी मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्णय ले सकेगी।

नोटिफिएबल डिजीज में कौन-कौनसी बीमारियां शामिल हैं?

  • टीबी (Tuberculosis)
  • कोविड-19 (COVID-19)
  • हैजा (Cholera)
  • डिप्थीरिया (Diphtheria)
  • पोलियो (Poliomyelitis)
  • डेंगू (Dengue)
  • मलेरिया (Malaria)
  • कालाजार (Kala-azar)
  • रेबीज
  • खसरा (Measles)
  • कुष्ठ रोग (Leprosy)
  • बर्ड फ्लू (H5N1)

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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