Cancer Prevention: शरीर के इन 6 अंगों पर सबसे ज्यादा हमला करता है कैंसर! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Cancer Prevention: शरीर के इन 6 अंगों पर सबसे ज्यादा हमला करता है कैंसर! कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

Cancer Prevention: कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की कुछ कोशिकाएं बिना कंट्रोल के बढ़ने लगती हैं। धीरे-धीरे ये कोशिकाएं आसपास के टिश्यू और अंगों को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है, लेकिन कुछ अंग ऐसे हैं जहां यह ज्यादा देखा जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस अंग की कोशिकाएं कितनी तेजी से बदलती हैं, उस पर कितना प्रदूषण या संक्रमण असर डालता है और व्यक्ति की उम्र व पारिवारिक इतिहास क्या है।

सबसे ज्यादा पाए जाने वाले कैंसर कौन-से हैं?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा मामले इन छह कैंसर के होते हैं। फेफड़ों का कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, कोलन-रेक्टम (आंत) का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, लिवर कैंसर और पेट का कैंसर।

  • फेफड़ों का कैंसर आमतौर पर धूम्रपान या लंबे समय तक प्रदूषण में रहने से होता है।
  • ब्रेस्ट कैंसर स्तनों की नलिकाओं और ग्रंथियों में बनता है और हार्मोन इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
  • कोलन और रेक्टम का कैंसर आंतों में होता है, जहां कोशिकाएं तेजी से बदलती रहती हैं।
  • प्रोस्टेट कैंसर ज्यादा उम्र के पुरुषों में पाया जाता है।
  • लिवर कैंसर अक्सर हेपेटाइटिस वायरस, शराब या लिवर की पुरानी बीमारी से जुड़ा होता है।
  • पेट का कैंसर खराब खान-पान और लंबे समय तक बैक्टीरिया संक्रमण से जुड़ा हो सकता है।

कैंसर होने के कारण क्या हैं?

कैंसर तब होता है जब कोशिकाओं का डीएनए खराब हो जाता है और वे बिना रुके बढ़ने लगती हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। वंशानुगत जीन में बदलाव, हेपेटाइटिस या HPV जैसे संक्रमण, तंबाकू, केमिकल्स और प्रदूषण के संपर्क में रहना,
रेडिएशन का ज्यादा असर, हार्मोन में गड़बड़ी, और शरीर में लंबे समय तक सूजन रहना।

किन लोगों में कैंसर का खतरा ज्यादा होता है?

50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में जोखिम बढ़ जाता है। तंबाकू का सेवन, ज्यादा शराब पीना, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, परिवार में कैंसर का इतिहास और खराब खान-पान भी खतरा बढ़ाते हैं। कुछ लोगों को काम के दौरान खतरनाक केमिकल्स या प्रदूषण का सामना करना पड़ता है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।

कैंसर से बचाव कैसे करें?

धूम्रपान छोड़ना, हेल्दी खाना खाना, रोज़ एक्सरसाइज करना, वजन कंट्रोल में रखना और शराब कम पीना बहुत मददगार है। हेपेटाइटिस-बी और HPV के टीके भी कैंसर से बचाव में मदद करते हैं। समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी है।

कैंसर की पहचान और इलाज

कैंसर का पता एक्स-रे, सीटी स्कैन, एमआरआई, एंडोस्कोपी, बायोप्सी और खून की जांच से चलता है। इलाज में सर्जरी, रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी, टारगेटेड और इम्यून थेरेपी शामिल हैं। जब इलाज संभव न हो, तब दर्द और तकलीफ कम करने पर ध्यान दिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *