Cancer Cause: कैंसर का कारण (Cancer Cause): बेडरूम हमारे घर का वह कोना है जिसे हम सबसे सुरक्षित और सुकून भरी जगह मानते हैं। दिन भर की थकान के बाद हम यहीं चैन की नींद लेने जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपका बेडरूम ही आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी दे सकता है?
जी हां, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (National Cancer Institute) के शोध के अनुसार, हमारे बेडरूम में रखी कुछ ऐसी चीजें, जिन्हें हम नियमित रूप से उपयोग करते हैं, वे हमें अनजाने में कैंसर का शिकार बना रही हैं। आइए जानते हैं हमारे बेडरूम में मौजूद उन 5 चीजों के बारे में जो कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
1. सिंथेटिक गद्दे और फ्लेम रिटार्डेंट्स (Flame Retardants)
बैडरूम में हम जो गद्दे काम में लेते है उनमें अधिकांश में पॉलीयुरेथेन फोम होता है। सुरक्षा मानकों के लिए इनमें ‘ब्रोमिनेटेड फ्लेम रिटार्डेंट्स’ (PDBEs) का लेप लगाया जाता है। शोध बताते हैं कि ये रसायन शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। ड्यूक यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, इन रसायनों के संपर्क में आने से थायराइड और कैंसर कोशिकाओं के विकास का जोखिम बढ़ सकता है।
2. एयर फ्रेशनर और केमिकल कॉकटेल
बैडरूम में काम में आना वाला रूम फ्रेशनर और खुशबूदार मोमबतियां भी कैंसर कारकों को बढ़ावा देती है। जर्नल ऑफ एयर क्वालिटी, एटमॉस्फियर एंड हेल्थ में प्रकाशित शोध के अनुसार, लिमोनेन हवा में मौजूद ओजोन के साथ मिलकर फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde) बनाता है, जिसे ‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ (IARC) ने मानव कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया है।
3. पार्टिकल बोर्ड और प्लाईवुड फर्नीचर
सस्ते फर्नीचर में इस्तेमाल होने वाले गोंद और रेजिन में फॉर्मेल्डिहाइड की अधिक मात्रा होती है। नया फर्नीचर महीनों तक हवा में सूक्ष्म गैसें छोड़ता रहता है। लंबे समय तक बंद कमरे में सांस लेने से यह फेफड़ों और श्वसन तंत्र के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। इसलिए नया फर्नीचर खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच जरूर कर लें।
4. ड्राई-क्लीन हुए कपड़े
अलमारी में रखे ड्राई-क्लीन्ड कपड़ों से निकलने वाली गंध वास्तव में परक्लोरोएथिलीन (PERC) नामक रसायन है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, ‘PERC’ के संपर्क में रहने वाले श्रमिकों में कैंसर के मामले देखे गए हैं। घर में इसकी उपस्थिति, विशेषकर सोते समय, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।
5. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से ईएमएफ (EMF)
बेडरूम में रखे पुराने टीवी, चार्जर्स और खराब गुणवत्ता वाले प्लास्टिक उत्पादों में BPA और ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड’ का उत्सर्जन होता है। EMF और कैंसर के सीधे संबंध पर अभी और शोध जारी हैं, लेकिन ‘वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन’ (WHO) ने रेडियो फ्रीक्वेंसी को ‘संभावित कार्सिनोजेन’ की श्रेणी में रखा है।
बेडरूम कैंसर से कैसे बचें?
- VOCs को हटाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- Global Organic Textile Standard (GOTS) प्रमाणित गद्दों और सूती चादरों का चुनाव करें।
- सुबह के समय कम से कम 30 मिनट के लिए कमरे की खिड़कियां खुली रखें (Cross Ventilation)।
- नासा (NASA) के ‘क्लीन एयर स्टडी’ के अनुसार, स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और पीस लिली फॉर्मेल्डिहाइड को सोखने में सक्षम हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


