Cancer: कैंसर से जंग जीत चुके यानी Cancer Survivors के लिए एक बुरी खबर है। हाल ही में हुई एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अगर कैंसर सर्वाइवर्स अपनी डाइट में पैकेट बंद चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स या रेडी-टू-ईट खाना जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, तो उनके लिए मौत का खतरा काफी बढ़ सकता है। इटली के IRCCS न्यूरोमेड के वैज्ञानिकों ने करीब 18 साल तक 800 से ज्यादा लोगों पर स्टडी करने के दौरान यह पाया है। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या होता है और यह कैंसर सर्वाइवर लोगों के लिए क्यों जानलेवा बन रहा है।
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या होते हैं? (What are Ultra-processed Foods?)
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड वो खाने होते हैं जो ज्यादातर फैक्ट्रियों में मशीनों से बनते हैं और जिनमें स्टोर करने के लिए या स्वाद बढ़ाने के लिए काफी ज्यादा बदलाव किए जाते हैं। खासकर के पैकेट बंद स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, इंस्टेंट नूडल्स और डिब्बाबंद खाने होते हैं। इन खानों में बहुत ज्यादा चीनी, नमक, खराब फैट और चीजों को खराब होने से बचाने के लिए केमिकल प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं।
रिसर्च में आए चौंकाने वाले नतीजे (Key Findings of the Study)
रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने देखा कि जो कैंसर सर्वाइवर्स सबसे ज्यादा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाना खाते थे, उनमें किसी भी वजह से मौत का खतरा 48% ज्यादा था। वहीं, खास तौर पर कैंसर की वजह से जान जाने का खतरा 57% तक ज्यादा पाया गया। इसका मतलब यह है कि कैंसर को हराने के बाद भी, गलत खान-पान जानलेवा साबित हो सकता है।
खाने की क्वालिटी भी है जरूरी (Diet Quality is also Important)
इस स्टडी की सबसे खास बात यह रही कि भले ही कोई व्यक्ति बाकी चीजें हेल्दी खा रहा हो, लेकिन अगर वह साथ में प्रोसेस्ड फूड भी ज्यादा ले रहा है, तो खतरा कम नहीं होता। खाने में मौजूद पोषक तत्वों से ज्यादा यह बात असर डालती है कि खाना कितना ज्यादा रिफाइंड या प्रोसेस्ड है।
एक्सपर्ट्स की सलाह और आसान उपाय (Expert Recommendations and Solutions)
एक्सपर्ट्स के अनुसार कैंसर सर्वाइवर्स पैकेट वाले खाने से दूर रहें और घर के बने ताजे खाने खाने की कोशिश करें। इसके अलावा अपनी डाइट में फाइबर और पौधों से मिलने वाले नेचुरल पोषक तत्वों को शामिल करें।
ध्यान दें (Please Note)
ध्यान दें यह सिर्फ एक ऑब्जर्वेशनल स्टडी है। इसका मतलब यह नहीं है कि प्रोसेस्ड फूड खाते ही कैंसर से जंग जीत चुके लोगों के जान पर बात बन आएगी। इसके अलावा यह स्टडी लोगों द्वारा बताई गई जानकारी पर आधारित है और इसमें कैंसर के अलग-अलग स्टेज की पूरी जानकारी नहीं थी। लेकिन अगर फिर भी आप कैंसर से जंग जीत चुके हैं तो इस स्टडी के अनुसार आपको सावधान रहना चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


