विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर अररिया सदर अस्पताल परिसर में एक विशेष कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने हाथों में पोस्टर व बैनर लेकर आम लोगों से कैंसर के प्रति सतर्क रहने और समय पर जांच कराने की अपील की। सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि 4 फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण अब हर उम्र के लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। मुख कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और पान मसाला का सेवन है। तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक
डॉ. कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि घरों में तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। यदि परिवार का कोई सदस्य इनका सेवन करता है, तो उसे तुरंत छुड़वाने का प्रयास करें। उन्होंने स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। डॉ. कुमार के अनुसार, शुरुआती लक्षणों की पहचान होने पर कैंसर का इलाज संभव है। डॉक्टरों ने मुख कैंसर के लक्षण बताए
डॉक्टरों ने मुख कैंसर के प्रमुख शुरुआती लक्षण भी बताए। इनमें मुंह में लंबे समय तक न भरने वाला घाव, गाल, जीभ या होंठ पर सफेद या लाल धब्बे, मुंह खोलने या निगलने में दर्द या तकलीफ, जीभ या मुंह में गांठ या सूजन, लगातार आवाज का बैठना और जबड़े में दर्द शामिल हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में जांच करानी चाहिए। डॉ. कुमार ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 तक सदर अस्पताल में कुल 64,374 लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 44 कैंसर मरीजों की पहचान हुई है। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर अररिया सदर अस्पताल परिसर में एक विशेष कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने हाथों में पोस्टर व बैनर लेकर आम लोगों से कैंसर के प्रति सतर्क रहने और समय पर जांच कराने की अपील की। सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि 4 फरवरी को मनाए जाने वाले विश्व कैंसर दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण अब हर उम्र के लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। मुख कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण तंबाकू, गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और पान मसाला का सेवन है। तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक
डॉ. कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि घरों में तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए। यदि परिवार का कोई सदस्य इनका सेवन करता है, तो उसे तुरंत छुड़वाने का प्रयास करें। उन्होंने स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर जैसी अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई। डॉ. कुमार के अनुसार, शुरुआती लक्षणों की पहचान होने पर कैंसर का इलाज संभव है। डॉक्टरों ने मुख कैंसर के लक्षण बताए
डॉक्टरों ने मुख कैंसर के प्रमुख शुरुआती लक्षण भी बताए। इनमें मुंह में लंबे समय तक न भरने वाला घाव, गाल, जीभ या होंठ पर सफेद या लाल धब्बे, मुंह खोलने या निगलने में दर्द या तकलीफ, जीभ या मुंह में गांठ या सूजन, लगातार आवाज का बैठना और जबड़े में दर्द शामिल हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल में जांच करानी चाहिए। डॉ. कुमार ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 तक सदर अस्पताल में कुल 64,374 लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 44 कैंसर मरीजों की पहचान हुई है।


