कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के छोटे से कस्बे टंबलर रिज में हुई गोलीबारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मंगलवार को हुई यह घटना हाल के वर्षों में कनाडा की सबसे भयावह मास शूटिंग में गिनी जा रही है। इस घटना में शूटर समेत 10 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 25 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने अब इस हमले के आरोपी की पहचान कर ली है। हमलावर की पहचान 18 वर्षीय जेसी वैन रूटसलार के रूप में हुई है, जो एक ट्रांसजेंडर महिला थी। जानकारी के मुताबिक, जेसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी।
हमले के कारण अभी साफ नहीं
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जेसी उसी स्कूल की पूर्व छात्रा थी जहां उसने हमला किया। स्कूल में हमले से पहले जेसी ने अपने घर पर अपनी मां और अपने सौतेले भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। हालांकि यह अभी सामने नहीं आ पाया है कि इस हमले के पीछे जेसी का असली मकसद क्या था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। बता दें कि स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी करने के बाद जेसी ने खुद को गोली मारकर अपनी भी जान दे दी थी।
जेसी का रहा है मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा इतिहास
पुलिस कमांडर ड्वेन मैकडॉनल्ड ने बताया कि जेसी का जन्म एक पुरुष के रूप में हुआ था और बाद में वह एक ट्रांसजेंडर वुमन बनी। चार साल पहले जेसी ने इस स्कूल को छोड़ दिया था जहां उसने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। मैकडॉनल्ड ने आगे कहा कि आरोपी पहले हथियार लाइसेंस रखती थी, जो बाद में समाप्त हो गया था। उसके घर से पहले हथियार जब्त किए गए थे, लेकिन बाद में लौटा दिए गए। पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि जेसी का मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा इतिहास रहा है और अधिकारियों को कई बार उसके घर जांच के लिए जाना पड़ा था। प्रांतीय मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत उसे एक से अधिक बार आकलन के लिए हिरासत में लिया गया था।
स्कूल शूटिंग की पूरी घटना
पुलिस के अनुसार, हमलावर ने सबसे पहले अपनी 39 वर्षीय मां और 11 वर्षीय सौतेले भाई की घर पर हत्या की। इसके बाद वह उसी हाई स्कूल पहुंची और वहां उसने गोलियां चलानी शुरू कर दी। स्कूल परिसर में एक महिला शिक्षक और पांच छात्रों समेत छह लोगों की मौत हुई। मृतकों में तीन 12 वर्षीय लड़कियां और दो छात्र शामिल थे। घटनास्थल से एक लंबी बंदूक और संशोधित हैंडगन बरामद की गई। आरोपी ने अंत में खुद को गोली मार ली। अधिकारियों ने बताया कि पहली कॉल के दो मिनट के भीतर पुलिस स्कूल पहुंच गई थी। पहुंचने पर पुलिस पर भी गोलियां चलाई गईं। फिलहाल हमले का स्पष्ट मकसद सामने नहीं आया है।


