SIP Investment: करोड़पति बनना हर किसी का सपना होता है। बेहतर फाइनेंशियल प्लानिंग और अनुशासन के साथ इस सपने को पूरा किया जा सकता है। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश ने इस तरह के कठिन समझे जाने वाले लक्ष्यों को हासिल करना पहले की तुलना में आसान बना दिया है।
छोटी-छोटी बचत से बड़ा फंड
सही SIP रणनीति और नियमित निवेश से आप थोड़ा-थोड़ा बचाकर भी एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। SIP की खास बात यही है कि आपको निवेश के लिए एकदम से बड़ी राशि की जरूरत नहीं है। आप अपनी सुविधा के अनुसार हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाकर भी बड़े फंड का सपना पूरा कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड SIP में निवेश जितने अधिक समय के लिए किया जाता है, इसके अच्छा रिटर्न देने की संभावना उतनी ही अधिक बढ़ जाती है। लॉंग टर्म में कंपाउंडिंग को अपनी शक्ति दिखाने का पूरा मौका मिलता है और आपका निवेश तेजी से बढ़ता जाता है।
इस तरह बढ़ता जाएगा पैसा
चलिए यह जानने की कोशिश करते हैं कि अगर आप हर महीने 30 हजार रुपए की SIP करते हैं, तो क्या 8 साल जैसी छोटी अवधि में करोड़पति बना जा सकता है? म्यूचुअल फंड पर मिलने वाला रिटर्न अलग-अलग हो सकता है, लेकिन आमतौर पर 12% से 15% तक रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। इसलिए हम 12% के हिसाब से कैलकुलेशन करते हैं।
एक करोड़ के कॉर्पस के लिए 30,000 मंथली SIP
| मासिक निवेश | 30,000 रुपए |
| अनुमानित अवधि | 8 वर्ष |
| अनुमानित रिटर्न रेट | 12% वार्षिक |
| निवेश राशि | 28,80,000 |
| अनुमानित रिटर्न | 18,30,720 |
| कुल वैल्यू | 47,10,720 |
यह होनी चाहिए रणनीति
जैसा कि आपने देखा कि हर महीने 30 हजार का निवेश और 12% रिटर्न के आधार पर 8 साल में 1 करोड़ का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में अगर आपको 8 साल में ही एक करोड़ बनाना है, तो मासिक निवेश को बढ़ाना होगा। वहीं, अगर मासिक निवेश नहीं बढ़ाना चाहते, तो निवेश की अवधि को बढ़ाना पड़ेगा। उदाहरण के लिए कैलकुलेशन निम्न अनुसार होगी।
| मासिक निवेश | 30,000 रुपए |
| अनुमानित अवधि | 13 वर्ष |
| अनुमानित रिटर्न रेट | 12% वार्षिक |
| निवेश राशि | 46,80,000 |
| अनुमानित रिटर्न | 60,55,007 |
| कुल वैल्यू | 1,07,35,007 |
कंपाउंडिंग का कमाल
इस कैलकुलेशन से यह साफ होता है कि अगर निवेश अवधि को 8 साल से बढ़ाकर 13 साल किया जाता है, तो 1 करोड़ के लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है। थोड़ी सी अवधि बढ़ाने से ही बड़ा फायदा मिल जाता है, क्योंकि कंपाउंडिंग की शक्ति के चलते आपका निवेश तेजी से बढ़ता है। इसलिए अगर आप लॉंग टर्म को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य संभव है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)


