कंबोडियाई राजदूत ने श्रावस्ती में दिया विश्व शांति का संदेश:बौद्ध तपोस्थली में 2500 दीप जलाकर की विशेष पूजा-अर्चना

कंबोडियाई राजदूत ने श्रावस्ती में दिया विश्व शांति का संदेश:बौद्ध तपोस्थली में 2500 दीप जलाकर की विशेष पूजा-अर्चना

श्रावस्ती के कंबोडिया की राजदूत मिश रथमैनी ने बीते मंगलवार को जनपद की ऐतिहासिक बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती का दौरा किया। उन्होंने बीती देर शाम बौद्ध भिक्षु देवेंद्र थेरो की अध्यक्षता में अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बोधि वृक्ष पर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही गंध कुटी में दीप प्रज्वलित कर विश्व शांति का संदेश दिया। राजदूत मिश रथमैनी ने इस अवसर पर कहा कि श्रावस्ती बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। भगवान बुद्ध द्वारा पावन की गई इस भूमि पर आकर पूजा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने श्रावस्ती की पवित्रता और स्वच्छता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर न केवल व्यक्तिगत बल्कि वैश्विक कल्याण संभव है। राजदूत ने यह भी बताया कि भगवान बुद्ध ने श्रावस्ती में 25 वर्षावास व्यतीत कर इस धरती को पवित्र बनाया था। कार्यक्रम में ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश सरकार के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि भगवान बुद्ध ने भारत में जन्म लेकर श्रावस्ती जैसे पावन स्थल को अपनी साधना से महिमामंडित किया। वहीं, लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन के अध्यक्ष दिवाकर पटेल ने बताया कि भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलकर मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है और विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अवसर पर 2500 दीप प्रज्वलित कर अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया। इस दौरान सभी अनुयायियों ने एक स्वर में ‘बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि’ का उद्घोष किया। उन्होंने पूरे परिसर की परिक्रमा कर भगवान बुद्ध से विश्व कल्याण की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्रावस्ती की बौद्ध तपोस्थली में हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी बौद्ध अनुयायी पहुंचते हैं, जिससे यह पवित्र स्थल अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं से सदैव गुलजार रहता है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *