Lalit Modi Message to Kavya Maran: सनराजइर्स लीड्स को द हंड्रेड ऑक्शन में पाकिस्तान के अबरार अहमद को खरीदना काफी भारी पड़ गया है। लंदन में हुई पुरुषों की द हंड्रेड नीलामी के दौरान काव्या मारन के मालिकाना हक वाली सनराजर्स टीम ने इस क्रिकेटर को करीब 2.34 करोड़ रुपये की कीमत पर खरीदा। इसके बाद सोशल मीडिया पर काव्या मारन के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़क उठा। कुछ क्रिकेटर्स ने भी इसकी आलोचना की। इतना ही नहीं सनराइजर्स लीड्स के एक्स अकाउंट को कुछ समय के लिए सस्पेंड भी कर दिया गया। इस मामले में अब भगोड़े ललित मोदी की भी एंट्री हो गई है।
पाकिस्तानी प्लेयर्स पर अघोषित बैन
बता दें आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर रोक है और वे सिर्फ पहले सीजन (2008) में ही खेले थे। उसके बाद मुंबई में हुए आतंकी हमले के चलते आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की मौजूदगी के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। आम तौर पर जिन भारतीय फ्रेंचाइजियों की टीमें विदेशों की लीग में खेलती हैं, वे पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चुनने से बचती हैं, यानि उन पर अघोषित बैन लगा हुआ है, लेकिन सनराइजर्स ने ऐसा कर विवाद खड़ा कर दिया।
एक्स पर किया ये पोस्ट
द हंड्रेड ऑक्शन और उसके बाद मचे बवाल के कुछ दिनों बाद आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने सनराइजर्स और उसकी मालकिन काव्या मारन को एक मैसेज भेजा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि ऐसे समय में जब फैंस पहले से ही नाराज हैं, एक पाकिस्तानी खिलाड़ी पर 2.34 करोड़ रुपये का निवेश करना? मुझे ‘ऑप्टिक्स’ (लोगों की राय) को संभालने और बड़े साम्राज्य खड़े करने के बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी है। मुझे कॉल करो।
‘किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन…’
मोदी की इस पोस्ट में हालांकि किसी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन खर्च की गई रकम, पाकिस्तानी खिलाड़ी का जिक्र और पोस्ट करने का समय साफ तौर पर यह इशारा करते हैं कि ललित मोदी क्या कहना चाह रहे हैं? बता दें कि उन पर खुद भारत में कई गंभीर आरोप लगे हैं और इस समय वह यूके में रह रहे हैं। टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और पैसे कमाने वाली लीग आईपीएल से जुड़े ‘प्रॉक्सी मालिकाना हक’ के आरोपों के बाद ललित मोदी 2010 में भारत छोड़कर भाग गए थे।
पिछले साल ही मांगी थी माफी
दिसंबर 2025 में ललित मोदी ने भारतीय सरकार से माफी भी मांगी थी। उन्होंने लिखा था कि अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, खासकर भारतीय सरकार की, जिनके लिए मेरे मन में सबसे ज्यादा सम्मान और आदर है, तो मैं माफी मांगता हूं। मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया और मेरा इरादा कभी भी वैसा नहीं था, जैसा उसे दिखाया गया। एक बार फिर, मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं।


