बीकानेर. पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल युद्ध और उसमें अमेरिकी दखल के बीच मचे घमासान के दौरान पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत का असर अब दिखाई पड़ने लगा है। रसोई गैस और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर जहां राशनिंग के साथ ही आपूर्ति पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। वहीं आलम यह है कि इससे रसोइयों में भी खलबली मची हुई है। इसी दौरान गाहे-बगाहे पेट्रोल-डीजल को लेकर उड़ती अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ लग रही है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। शाम होते-होते नतीजा यह रहा कि पंपों में लंबी-लंबी लाइनें लगने लगीं।
प्रशासन आया सामने
जिले में डीजल एवं पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने भी आमजन से अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा बिना आवश्यकता के ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है।
यह बोले रसद अधिकारी
जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) नरेश शर्मा ने बताया कि जिला मुख्यालय पर 35 तथा पूरे जिले में लगभग 250 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं, जहां नियमित रूप से डीजल एवं पेट्रोल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। जिले में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि तीनों पेट्रोलियम कंपनियों आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल द्वारा क्रूड ऑयल के प्राइज़अंतराष्ट्रीयबाज़ार में बढ़ने से डीलर्स को उधार (क्रेडिट) पर डीजल-पेट्रोल देने की व्यवस्था बंद की गई है। उधार देने के बजाय इसको एडवांस में कन्वर्ट किया गया है ।
इसलिए भ्रम की स्थिति
इसके चलते कुछ पेट्रोल पंप संचालक अग्रिम भुगतान (एडवांस) के अभाव में ईंधन नहीं मंगा पा रहे हैं, जिससे कुछ स्थानों पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम कंपनियों के पास देश भर के लिए अगले तीन महीनों तक का डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है।


