मैनपुरी में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने गूगल पर फर्जी वेबसाइट और प्लेटफॉर्म बनाकर जनसेवा केंद्र संचालकों को ठगा। यह आरोपी देश के कई राज्यों में सैकड़ों जनसेवा केंद्र संचालकों को अपना शिकार बना चुका था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कुर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुर कलॉ निवासी अमित कुमार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। अमित कुमार ने बताया कि उन्हें आधार कार्ड से पैसे निकालने, आधार करेक्शन और ऐप्स के जरिए ट्रांजेक्शन की सुविधा देने के नाम पर ईसीएल पे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की यूजर आईडी दिलाने का झांसा देकर धोखाधड़ी की गई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना मैनपुरी में मुकदमा दर्ज किया गया। तकनीकी जांच और दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी जितेंद्र कुमार ने जयपुर, राजस्थान के पते पर ईसीएल पे प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनवाई थी। इसके बाद उसने गूगल से जनसेवा केंद्र संचालकों का डेटा निकालकर उन्हें फोन किया और अधिक मुनाफे का लालच दिया। आरोपी जनसेवा केंद्र संचालकों को यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराता था। ग्राहकों द्वारा किए गए ट्रांजेक्शन के बाद रकम पोर्टल के वॉलेट में तो दिखती थी, लेकिन उसे निकाला नहीं जा सकता था। जब संचालक इस संबंध में आरोपी को फोन करते थे, तो वह 20 हजार रुपये पहले जमा कराने की शर्त रखता था, जिसे बाद में अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता था। एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि आरोपी ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड सहित अन्य राज्यों के लगभग 270 जनसेवा केंद्र संचालकों को ठगा है। देश के कई राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से 10,520 रुपये नकद और अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।


