MP Property Price Hike 2026: मध्य प्रदेश में 1 अप्रेल से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की गुरुवार को भोपाल में हुई बैठक में विभिन्न जिलों की नई कलेक्टर गाइडलाइन को मंजूरी दे दी गई है। इससे प्रदेश में जमीन की कीमतों में औसतन 16% की बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में कुल एक लाख से अधिक लोकेशन में से करीब 65 हजार स्थानों पर रेट बढ़ाए गए हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में रेट यथावत भी रखे हैं। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी इंदौर और भोपाल की प्रॉपर्टी में हुई है। विभिन्न जिलों में 5 से 300 प्रतिशत तक रेट बढ़ाए गए। भोपाल में अधिकतम 180त्न तक रेट बढ़ेंगे। इंदौर में कई लोकेशन पर 300% इजाफा होगा। यही नहीं इस बार पक्के मकानों की निर्माण लागत भी बढ़ा दी गई है। बने हुए मकानों की रजिस्ट्री और महंगी हो जाएगी।
नई गाइडलाइन 1 अप्रेल से लागू होने के बाद रजिस्ट्री के लिए नए रेट्स के आधार पर ही जमीन का मूल्यांकन किया जाएगा, इसी के अनुसार स्टाम्प और पंजीयन शुल्क लगेगा। बोर्ड बैठक आइजी पंजीयन अमित तोमर की अध्यक्षता में हुई।
लग्जरी फ्लैट की कीमत भी 10% बढ़ेगी
-रीइन्फोर्सड सीमेंट कॉन्क्रीट (आरसीसी) वाले पके मकानों की निर्माण लागत बढ़ाई है। रीइन्फोर्सड ब्रिक्स कॉन्क्रीट (आरसीबी) स्ट्रक्चर, टीन शेड, कच्चे मकानों की निर्माण लागत में बदलाव नहीं किया है। पक्के मकानों की निर्माण लागत में 1000 रुपए प्रति वर्ग मीटर की वृद्धि की है। इससे बने हुए मकान की रजिस्ट्री पर ज्यादा शुल्क देना होगा।
– प्रीमियम अपार्टमेंट की श्रेणी को भी इस बार शामिल किया गया है। इसकी दरों को सामान्य अपार्टमेंट से अलग किया है। प्रीमियम अपार्टमेंट का मूल्यांकन 10% अधिक रेट पर होगा। ये वे अपार्टमेंट होंगे, जहां स्विमिंग पूल, जिम, जकूजी, क्लब हाउस आदि सुविधाएं हों।
क्या है कलेक्टर गाइडलाइन (Circle Rate)?
कलेक्टर गाइडलाइन वह न्यूनतम दर होती है, जिस पर सरकार जमीन या मकान की कीमत तय करती है। इससे कम कीमत पर रजिस्ट्री नहीं हो सकती।
हर साल क्यों बढ़ती हैं दरें?
सरकार बाजार कीमतों के हिसाब से हर साल रिवीजन करती है, ताकि स्टाम्प ड्यूटी का सही मूल्य मिल सके और अंडरवैल्यू रजिस्ट्री रोकी जा सके।
इस बार बढ़ोतरी ज्यादा क्यों?
- कई इलाकों में लंबे समय से रेट नहीं बढ़े थे
- रियल एस्टेट में तेजी और डेवलपमेंट (नई सड़कें, प्रोजेक्ट)
- शहरी इलाकों में डिमांड बढ़ना
- आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
- जमीन/मकान खरीदना महंगा होगा
- स्टाम्प और रजिस्ट्री शुल्क बढ़ जाएगा
- पुराने एग्रीमेंट वाले खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है
क्या हर जगह 300 फीसदी तक बढ़ोतरी होगी?
नहीं, यह तो बढ़ोतरी की अधिकतम सीमा है। औसत बढ़ोतरी करीब 16 फीसदी ही है। कुछ लोकेशन पर रेट नहीं बढ़ाए गए हैं।
सबसे ज्यादा असर किस पर?
-भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में खरीदार
-लग्जरी और प्रीमियम अपार्टमेंट लेने वाले
-पहले से बने मकान खरीदने वाले
खरीदार क्या करें?
- 1 अप्रैल से पहले डील फाइनल हो तो तुरंत रजिस्ट्री कराएं
- नई गाइडलाइन के हिसाब से बजट प्लान करें
- प्रॉपर्टी की वास्तविक बाजार कीमत भी जरूर चेक करें


