कटिहार में जिला सहकारिता विभाग द्वारा शुक्रवार को पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियां) में व्यावसायिक विविधीकरण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला टाउन हॉल में संपन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार सरकार और भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करना था। इसका लक्ष्य सहकारिता क्षेत्र में विकास और सुधार लाना है। जिला सहकारिता पदाधिकारी रंजीत कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक और व्यापार मंडल अध्यक्ष शामिल हुए। प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में सहकारिता विभाग के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें पैक्स की भूमिका, लोकतांत्रिक एवं वित्तीय व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण और उनके लोकतांत्रिक व प्रशासनिक दायित्व शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पैक्स में लेखा संधारण एवं अंकेक्षण, सहकारी समितियों के अंकेक्षण की अनिवार्यता, उसमें आने वाली समस्याएं और उनके समाधान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रबंधन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी जोर दिया गया। इस प्रशिक्षण से पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों को अपने कार्यों में सुधार करने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने में सहायता मिलेगी। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने सभी पैक्स अध्यक्षों से कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने ज्ञान को बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सहकारिता क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार, चेयरमैन शाहिन कलाम, सुनील कुमार, सीमा कुमारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कटिहार में जिला सहकारिता विभाग द्वारा शुक्रवार को पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समितियां) में व्यावसायिक विविधीकरण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला टाउन हॉल में संपन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बिहार सरकार और भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान करना था। इसका लक्ष्य सहकारिता क्षेत्र में विकास और सुधार लाना है। जिला सहकारिता पदाधिकारी रंजीत कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी पैक्स अध्यक्ष, प्रबंधक और व्यापार मंडल अध्यक्ष शामिल हुए। प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में सहकारिता विभाग के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। इसमें पैक्स की भूमिका, लोकतांत्रिक एवं वित्तीय व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण और उनके लोकतांत्रिक व प्रशासनिक दायित्व शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पैक्स में लेखा संधारण एवं अंकेक्षण, सहकारी समितियों के अंकेक्षण की अनिवार्यता, उसमें आने वाली समस्याएं और उनके समाधान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रबंधन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी जोर दिया गया। इस प्रशिक्षण से पैक्स अध्यक्षों और प्रबंधकों को अपने कार्यों में सुधार करने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने में सहायता मिलेगी। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने सभी पैक्स अध्यक्षों से कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने ज्ञान को बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सहकारिता क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी सनत कुमार, चेयरमैन शाहिन कलाम, सुनील कुमार, सीमा कुमारी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


