शहर के लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्मार्ट सिटी लगातार योजनाएं बना रही है। इनमें से तीन प्रोजेक्ट बेकार हो चुके हैं। उनकी स्थिति जर्जर है। इनमें शहर में 18 जगहों पर आधुनिक बस स्टॉप, 32 जगहों पर बने ई-टॉयलेट और अदालतगंज तालाब शामिल हैं। इन तीनों प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी ने करीब 40 करोड़ से अधिक खर्च किए। लेकिन, रखरखाव के अभाव में तीनों प्रोजेक्ट फेल हो गए हैं। सालभर से इनको देखने-पूछने वाला कोई नहीं है। ई-टॉयलेट तो एक माह भी नहीं चले स्मार्ट सिटी ने 32 जगहों पर ई-टॉयलेट लगाए। इस पर 10.25 करोड़ रुपए खर्च किए। पांच रुपए का सिक्का डालकर इसका उपयोग करने की सुविधा दी गई थी। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने तामझाम के साथ इसकी शुरुआत की, लेकिन महीनेभर बाद ही पुर्जा-पुर्जा जर्जर हो गया और अब यह सुविधा बंद हो चुकी है। जिस एजेंसी को इनके संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने भी काम छोड़ दिया। जिम्मेदार अफसरों के पास इसका कोई जवाब नहीं है। अब ई-टॉयलेट के सामान की चोरी भी हो रही है। बस स्टॉप की छत तक उखड़ी 15.50 करोड़ से अधिक की लागत से 18 जगहों पर स्मार्ट बस स्टॉप बनाए गए। स्मार्ट सिटी और परिवहन विभाग ने मिल कर जगह तय की थी। लेकिन, वहां बसें नहीं रुकतीं। इसका नतीजा यह हुआ कि सभी बस स्टॉप अतिक्रमण के शिकार हो गए हैं। बेंच से लेकर छत तक उखड़ गई है। न तो इनकी मरम्मत की जा रही है और न ही बेहतर संचालन किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के अफसरों का कहना है कि हाल में परिवहन विभाग को दो बार चिट्ठी लिखी गई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सामंजस्य स्थापित नहीं हो सका है। फाउंटेन बंद, बोटिंग भी नहीं अदालतगंज तालाब में कभी कचरा डंप होता था। स्मार्ट सिटी ने 14.63 करोड़ खर्च कर इसका जीर्णोद्धार किया। म्यूजिकल फाउंटेन से लेकर बोटिंग की व्यवस्था की। लेकिन सालभर से तालाब की स्थिति बेहाल है। न तो म्यूजिकल फाउंटेन चलता है और न ही बोटिंग होती है। इस तालाब को लेकर स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने देशभर में खूब वाहवाही बटोरी, लेकिन इसके संचालन के लिए एजेंसी की बहाली तक नहीं हो सकी है। सीएम के निर्देश पर यहां छठ घाट का निर्माण भी कराया गया है। अंटाघाट : ई-टॉयलेट कबाड़
स्मार्ट सिटी के बंद पड़े प्रोजेक्ट को फिर से संचालित करने की दिशा में काम होगा। ऐसी सभी परियोजनाओं की समीक्षा होगी, जो फिलहाल ठप हैं और शहर के लोगों को इनकी सुविधा नहीं मिल रही है। इनमें ई-टॉयलेट, बस स्टॉप और अदालतगंज तालाब शामिल हैं।-यशपाल मीणा, एमडी, पटना स्मार्ट सिटी शहर के लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए स्मार्ट सिटी लगातार योजनाएं बना रही है। इनमें से तीन प्रोजेक्ट बेकार हो चुके हैं। उनकी स्थिति जर्जर है। इनमें शहर में 18 जगहों पर आधुनिक बस स्टॉप, 32 जगहों पर बने ई-टॉयलेट और अदालतगंज तालाब शामिल हैं। इन तीनों प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी ने करीब 40 करोड़ से अधिक खर्च किए। लेकिन, रखरखाव के अभाव में तीनों प्रोजेक्ट फेल हो गए हैं। सालभर से इनको देखने-पूछने वाला कोई नहीं है। ई-टॉयलेट तो एक माह भी नहीं चले स्मार्ट सिटी ने 32 जगहों पर ई-टॉयलेट लगाए। इस पर 10.25 करोड़ रुपए खर्च किए। पांच रुपए का सिक्का डालकर इसका उपयोग करने की सुविधा दी गई थी। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने तामझाम के साथ इसकी शुरुआत की, लेकिन महीनेभर बाद ही पुर्जा-पुर्जा जर्जर हो गया और अब यह सुविधा बंद हो चुकी है। जिस एजेंसी को इनके संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी, उसने भी काम छोड़ दिया। जिम्मेदार अफसरों के पास इसका कोई जवाब नहीं है। अब ई-टॉयलेट के सामान की चोरी भी हो रही है। बस स्टॉप की छत तक उखड़ी 15.50 करोड़ से अधिक की लागत से 18 जगहों पर स्मार्ट बस स्टॉप बनाए गए। स्मार्ट सिटी और परिवहन विभाग ने मिल कर जगह तय की थी। लेकिन, वहां बसें नहीं रुकतीं। इसका नतीजा यह हुआ कि सभी बस स्टॉप अतिक्रमण के शिकार हो गए हैं। बेंच से लेकर छत तक उखड़ गई है। न तो इनकी मरम्मत की जा रही है और न ही बेहतर संचालन किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी के अफसरों का कहना है कि हाल में परिवहन विभाग को दो बार चिट्ठी लिखी गई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सामंजस्य स्थापित नहीं हो सका है। फाउंटेन बंद, बोटिंग भी नहीं अदालतगंज तालाब में कभी कचरा डंप होता था। स्मार्ट सिटी ने 14.63 करोड़ खर्च कर इसका जीर्णोद्धार किया। म्यूजिकल फाउंटेन से लेकर बोटिंग की व्यवस्था की। लेकिन सालभर से तालाब की स्थिति बेहाल है। न तो म्यूजिकल फाउंटेन चलता है और न ही बोटिंग होती है। इस तालाब को लेकर स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने देशभर में खूब वाहवाही बटोरी, लेकिन इसके संचालन के लिए एजेंसी की बहाली तक नहीं हो सकी है। सीएम के निर्देश पर यहां छठ घाट का निर्माण भी कराया गया है। अंटाघाट : ई-टॉयलेट कबाड़
स्मार्ट सिटी के बंद पड़े प्रोजेक्ट को फिर से संचालित करने की दिशा में काम होगा। ऐसी सभी परियोजनाओं की समीक्षा होगी, जो फिलहाल ठप हैं और शहर के लोगों को इनकी सुविधा नहीं मिल रही है। इनमें ई-टॉयलेट, बस स्टॉप और अदालतगंज तालाब शामिल हैं।-यशपाल मीणा, एमडी, पटना स्मार्ट सिटी


