Rajasthan Child Marriage Case: बूंदी जिले के तालेड़ा उपखंड से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग किशोरी ने साहस दिखाते हुए अपनी जबरन हो रही शादी को रुकवाने के लिए पुलिस का दरवाजा खटखटाया। किशोरी शुक्रवार शाम को शादी का कार्ड हाथ में लेकर सीधे तालेड़ा पुलिस उप अधीक्षक (DSP) राजेश टेलर के पास पहुंची और अपनी पीड़ा बताई।
किशोरी ने DSP से कहा, ‘सर, मैं अभी पढ़ना चाहती हूं। मेरी उम्र कम है, लेकिन घरवाले जबरदस्ती मेरी शादी करना चाहते हैं।’ उसकी बात सुनकर पुलिस अधिकारी भी गंभीर हो गए और तत्काल कार्रवाई शुरू की।
नाबालिग किशोरी की मार्च में तय थी शादी
DSP राजेश टेलर ने बताया कि किशोरी की शादी मार्च महीने में तय की गई थी, जबकि वर्तमान में वह नाबालिग है। उसने स्पष्ट रूप से शादी से इनकार करते हुए आगे पढ़ने की इच्छा जताई। किशोरी ने पुलिस से अपनी शादी रुकवाने और कानूनी मदद की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस उप अधीक्षक ने किशोरी के माता-पिता और अन्य परिजनों को कार्यालय में बुलाया। उन्हें बाल विवाह कानून की जानकारी दी और समझाया कि ‘नाबालिग की शादी कराना अपराध है।’ साथ ही बाल विवाह के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्परिणामों के बारे में भी विस्तार से बताया। पुलिस ने बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए निषेधाज्ञा जारी कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा मामला
DSP ने बताया कि मामले को चाइल्ड हेल्पलाइन और संबंधित विभाग को सौंपा गया है ताकि किशोरी को पूरी कानूनी सुरक्षा और सहयोग मिल सके। जरूरत पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
एक गांव से किशोरी अपनी शादी का कार्ड लेकर हमारे पास आई थी। उसने शादी से साफ इनकार करते हुए आगे पढ़ने की इच्छा जताई है। चाइल्ड हेल्प की मदद से पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजेश टेलर, पुलिस उप अधीक्षक, तालेड़ा


