Bundi : पानी में डूबती राह, रेल पटरी से गुजरना मजबूरी

Bundi : पानी में डूबती राह, रेल पटरी से गुजरना मजबूरी

बड़ाखेड़ा. दिल्ली-मुंबई रेलवे लाइन पर स्थित पापड़ी गांव में रेलवे अंडरपास वर्षों से ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बरसात के मौसम में अंडरपास पूरी तरह पानी से भर जाता है, जिससे आवाजाही ठप हो जाती है। मजबूरी में पापड़ी सहित आसपास की तीन ग्राम पंचायतों के ग्रामीण रेलवे लाइन पार कर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इससे हर दिन हादसे का खतरा बना रहता है।

सबसे चिंताजनक स्थिति स्कूल जाने वाले बच्चों की है। कंधे पर बस्ता टांगे बच्चे जब ट्रेन की पटरियों पर कदम रखते हैं, तो अभिभावकों की सांसे थम जाती हैं। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अंडरपास पर पुल निर्माण की मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

बच्चों की पढ़ाई खतरे में
अंडरपास बंद होने से स्कूल जाने वाले बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक का सहारा लेना पड़ता है। अभिभावक बच्चों को हाथ पकडकऱ पार कराते हैं, लेकिन तेज गति से गुजरती ट्रेनें हमेशा डर का माहौल बनाए रखती हैं। ग्रामीण राकेश मीणा, गिरिराज ने बताया की रेलवे लाइन पार करते समय पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। कुछ मामलों में लोग घायल हुए, तो कुछ बाल-बाल बचे। हर हादसे के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच करता है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया।

बारिश बनती है आफत
हर वर्ष मानसून की पहली बारिश के साथ ही पापड़ी गांव का रेलवे अंडरपास तालाब में तब्दील हो जाता है। कई फीट तक पानी भर जाने से दोपहिया और पैदल यात्री पूरी तरह फंस जाते हैं। कई बार ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, तो कई लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते हैं।

वर्षों से अटकी मांग
तीनों ग्राम पंचायतों के एक दर्जन गांव बड़ाखेड़ा, पापडी, जाडला, बंसवाडा, काकरामेज, सामरा, माखीदा, पाली, करीरिया, पीपल्दा थाग आदि गांवों के ग्रामीणों ने रेलवे और जिला प्रशासन को पुल निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। प्रस्ताव बनते हैं, सर्वे होते हैं, लेकिन फाइलें आगे नहीं बढ़ती। ग्रामीणों का कहना है कि मांग वर्षों से लंबित है, फिर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

क्षेत्र में रेलवे समपार फाटकों पर हाई लेवल ब्रिज की स्वीकृति हो चुकी है। पापडी गांव के लिए भी हाई लेवल ब्रिज की घोषणा जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष से करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं !
पवन मीणा, अध्यक्ष, भाजपा लाखेरी ग्रामीण मंडल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *