बूंदी.कोटा. कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां ए-320 और ए-321 श्रेणी के बड़े विमान भी आसानी से उतर सकेंगे। कैटवन श्रेणी की लाइटों की जगमगाहट के बीच यहां रन-वे पर अंधेरी रात में भी आसानी से बड़े यात्री विमान भी लेंडिंग कर सकेंगे। कोटा एयरपोर्ट को 440.646 हैक्टेयर के बड़े क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। 1088 एकड़ के साथ हमारा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट क्षेत्रफल की दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसमें एयर साइड और सिटी साइड का काम दो अलग-अलग कंपनियों की ओर से एक साथ किया जा रहा है। इससे एयरपोर्ट का काम दोगुनी तेजी से पूरा हो सकेगा।
सात बड़े विमान खड़े हो सकेंगे
कोटा के नए एयरपोर्ट पर विशाल एप्रन (विमान पार्किंग का स्थान) बनाया जाएगा। इस एप्रन में तीन बड़े विमानों के साथ कुल सात बड़े विमान खड़े किए जा सकेंगे।
एयरपोर्ट पर बनेगी पेरेलल एयर स्ट्रिप
कोटा में नए एयरपोर्ट पर 3200 मीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी। इस एयर स्ट्रिप के समानान्तर एक और एयर स्ट्रिप बनाई जाएगी। इस एयर स्ट्रिप की लंबाई भी 3200 मीटर होगी, लेकिन चौड़ाई 23 मीटर होगी। एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद उसे पेरेलल एयर स्ट्रिप पर लिया जाएगा। दोनों एयर स्ट्रिप के आसपास साढ़े सात मीटर चौड़े शोल्डर्स भी बनाए जाएंगे।
अत्याधुनिक आइएलएस, हाई फ्रीकवेंसी उपकरण
एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक आइएलएस (इंस्ट्रूमेंटल लैंङ्क्षडग सिस्टम) लगाया जाएगा। इसमें रनवे पर कैटवन श्रेणी की अत्यधिक रोशनी देने वाली लाइटें और कैट ऑपरेशन के लिए अत्याधुनिक एजीएल एंड विजुअल सहायक सिस्टम, हाई मास्ट लाइङ्क्षटग लगाई जाएगी। विमान की बेहतरीन लेंडिंग के लिए डीवीओआर के तहत हाई फ्रीकवेंसी उपकरण लगाए जाएंगे। एयरपोर्ट पर विमानों को खड़ा करने के लिए एप्रन, आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, ग्लाइड पाथ, लोकलाइजर, लिंक टैक्सी-वे, ग्रिड स्टेशन, पेयजल फिल्टरेशन प्लांट, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जीएसई हेंडलिंग एरिया, आइसोलेशन बे, पैरीमीटर रोड, सीसीआर हॉल, सीएनएस सुविधाएं समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
2000 वर्गमीटर की होगी टर्मिनल बिल्डिंग
एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसमें 2,000 वर्गमीटर में टर्मिलन बिङ्क्षल्डग (पैंसेजर बिल्डिंग), रेस्टोरेंट, यात्रियों के लिए 250 कारों व अन्य वाहनों की पार्किंग की सुविधा होगी। इसके तहत एक बार में 1000 यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।


