सीवान के विश्रामपुर गांव में दो दिनों तक अपराधियों के उत्पात से इलाके में दहशत फैल गई है। नौतन थाना क्षेत्र के इस सीमावर्ती गांव में कथित शराब तस्करों की दबंगई खुलकर सामने आई। फायरिंग और पथराव की पूरी वारदात सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में हमलावरों को गोली चलाते और साक्ष्य मिटाने के लिए खोखा उठाते हुए देखा जा रहा है। घटना के बाद पीड़ित परिवार भय के साए में जी रहा है। मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला जानकारी के अनुसार 20 फरवरी की शाम गांव के मोड़ पर हृदयानंद पटेल का पुत्र संदीप पटेल अंडे की दुकान पर खड़ा था। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे शराब तस्करों ने उसे धक्का मार दिया, जिससे कहासुनी हो गई। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत तो हो गया, लेकिन जाते-जाते आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। रात में घर पर हमला, दस मिनट तक फायरिंग करीब डेढ़-दो घंटे बाद रात लगभग नौ बजे दर्जनभर बाइक सवार अपराधी दोबारा गांव पहुंचे और संदीप के छोटे भाई अमित पटेल का पीछा करने लगे। अमित किसी तरह भागकर घर में छिप गया। इसके बाद हमलावरों ने करीब दस मिनट तक घर पर पथराव और फायरिंग की। परिवार ने घर के अंदर से डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गए। अगले दिन फिर पहुंचे हमलावर, पुलिस मौके पर घटना यहीं नहीं थमी। 21 फरवरी की दोपहर करीब ढाई बजे आधा दर्जन बाइक पर सवार लगभग 15 की संख्या में अपराधी दोबारा गांव में पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए फिर फायरिंग की। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ मैरवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। पीड़ित हृदयानंद पटेल ने थाने में छह नामजद समेत दर्जनभर अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। SDPO बोलीं- फुटेज की जांच की जा रही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सीमा से सटे होने का फायदा? दहशत का माहौल ग्रामीणों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सीमा से सटे होने के कारण इस रास्ते से शराब तस्करों का लगातार आवागमन होता है। तेज रफ्तार दोपहिया और चारपहिया वाहनों से गांव में हमेशा खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि तस्कर खुलेआम हथियार लहराते हैं, जिससे लोग विरोध करने से कतराते हैं। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि पीड़ित परिवार के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी हमले की वजह बन सकते हैं। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सीवान के विश्रामपुर गांव में दो दिनों तक अपराधियों के उत्पात से इलाके में दहशत फैल गई है। नौतन थाना क्षेत्र के इस सीमावर्ती गांव में कथित शराब तस्करों की दबंगई खुलकर सामने आई। फायरिंग और पथराव की पूरी वारदात सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में हमलावरों को गोली चलाते और साक्ष्य मिटाने के लिए खोखा उठाते हुए देखा जा रहा है। घटना के बाद पीड़ित परिवार भय के साए में जी रहा है। मामूली विवाद से शुरू हुआ मामला जानकारी के अनुसार 20 फरवरी की शाम गांव के मोड़ पर हृदयानंद पटेल का पुत्र संदीप पटेल अंडे की दुकान पर खड़ा था। इसी दौरान रास्ते से गुजर रहे शराब तस्करों ने उसे धक्का मार दिया, जिससे कहासुनी हो गई। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत तो हो गया, लेकिन जाते-जाते आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। रात में घर पर हमला, दस मिनट तक फायरिंग करीब डेढ़-दो घंटे बाद रात लगभग नौ बजे दर्जनभर बाइक सवार अपराधी दोबारा गांव पहुंचे और संदीप के छोटे भाई अमित पटेल का पीछा करने लगे। अमित किसी तरह भागकर घर में छिप गया। इसके बाद हमलावरों ने करीब दस मिनट तक घर पर पथराव और फायरिंग की। परिवार ने घर के अंदर से डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गए। अगले दिन फिर पहुंचे हमलावर, पुलिस मौके पर घटना यहीं नहीं थमी। 21 फरवरी की दोपहर करीब ढाई बजे आधा दर्जन बाइक पर सवार लगभग 15 की संख्या में अपराधी दोबारा गांव में पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए फिर फायरिंग की। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ मैरवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। पीड़ित हृदयानंद पटेल ने थाने में छह नामजद समेत दर्जनभर अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। SDPO बोलीं- फुटेज की जांच की जा रही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरी कुमारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सीमा से सटे होने का फायदा? दहशत का माहौल ग्रामीणों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सीमा से सटे होने के कारण इस रास्ते से शराब तस्करों का लगातार आवागमन होता है। तेज रफ्तार दोपहिया और चारपहिया वाहनों से गांव में हमेशा खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि तस्कर खुलेआम हथियार लहराते हैं, जिससे लोग विरोध करने से कतराते हैं। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि पीड़ित परिवार के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी हमले की वजह बन सकते हैं। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


