मैनपुरी में घर पर चला बुलडोजर:परिजनों ने डीएम से शिकायत की, बोले-बिना नोटिस कार्रवाई हुई; पाई-पाई जोड़कर बनाया था

मैनपुरी में घर पर चला बुलडोजर:परिजनों ने डीएम से शिकायत की, बोले-बिना नोटिस कार्रवाई हुई; पाई-पाई जोड़कर बनाया था

मैनपुरी के घिरोर तहसील क्षेत्र में एक प्रशासनिक कार्रवाई का मामला सामने आया है। यहां बैनामाशुदा भूमि पर बने एक हॉल को बिना किसी पूर्व सूचना के ध्वस्त कर दिया गया। इससे आहत पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। नगला गुलाल निवासी वीरेश पुत्र दीना नाथ (अनुसूचित जाति) ने बताया कि उन्होंने ग्राम गोधना स्थित गाटा संख्या 242/2 में 892 वर्गफीट भूमि खरीदी थी। यह भूमि उन्होंने रीता देवी पत्नी योगेन्द्र सिंह (अनुसूचित जाति) से विधिवत बैनामा के जरिए प्राप्त की थी। वीरेश के अनुसार, उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाकर इस भूमि पर एक हॉल का निर्माण कराया था। पीड़ित वीरेश का आरोप है कि उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और हल्का लेखपाल ने यह कहकर निर्माण ध्वस्त कर दिया कि बैनामा अनुसूचित जाति से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को किया गया है। हालांकि, वीरेश का दावा है कि बैनामा अनुसूचित जाति से अनुसूचित जाति के बीच ही हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला, सीधे बुलडोजर चला दिया गया। जिलाधिकारी कार्यालय में वीरेश की मां ने रोते हुए बताया कि उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने पाई-पाई जोड़कर यह हॉल बनवाया था, जिसे प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। वीरेश ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने यह निर्माण कड़ी मेहनत और संघर्ष से कराया था। उन्होंने मांग की कि यदि वे दोषी हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि वे निर्दोष हैं तो उनके ध्वस्त किए गए निर्माण को पुनः बनवाया जाए। इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर भी लोग इस कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सभी की निगाहें अब जिला प्रशासन की जांच और आगामी फैसले पर टिकी हैं।

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