सहरसा शहर में सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर अभियान चलाया। यह अभियान एसपी चौक से कोशी चौक मुख्य मार्ग तक चलाया गया, जहां लंबे समय से सड़क किनारे अवैध रूप से दुकानें और अस्थायी निर्माण कर लिए गए थे। सदर एसडीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब अतिक्रमण फिर लगाया तो एफआईआर दर्ज होगी । इस कार्रवाई का नेतृत्व सहरसा सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने किया। मौके पर सदर थाना की पुलिस टीम और संबंधित अंचलाधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान सड़क किनारे किए गए कई अतिक्रमणों को बुलडोजर से हटाया गया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि शहर के कई प्रमुख इलाकों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। सड़क संकरी होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती थी, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था और माइकिंग के माध्यम से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील भी की गई थी। इसके बावजूद कई दुकानदारों ने अवैध कब्जा नहीं हटाया, जिसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण और सुगम यातायात सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में जहां-जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, वहां आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा। सहरसा शहर में सड़क किनारे सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर अभियान चलाया। यह अभियान एसपी चौक से कोशी चौक मुख्य मार्ग तक चलाया गया, जहां लंबे समय से सड़क किनारे अवैध रूप से दुकानें और अस्थायी निर्माण कर लिए गए थे। सदर एसडीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब अतिक्रमण फिर लगाया तो एफआईआर दर्ज होगी । इस कार्रवाई का नेतृत्व सहरसा सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने किया। मौके पर सदर थाना की पुलिस टीम और संबंधित अंचलाधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान सड़क किनारे किए गए कई अतिक्रमणों को बुलडोजर से हटाया गया। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने बताया कि शहर के कई प्रमुख इलाकों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। सड़क संकरी होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती थी, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा पहले अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था और माइकिंग के माध्यम से स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की अपील भी की गई थी। इसके बावजूद कई दुकानदारों ने अवैध कब्जा नहीं हटाया, जिसके बाद प्रशासन को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क चौड़ीकरण और सुगम यातायात सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में जहां-जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, वहां आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन सुगम होगा।


