दरभंगा के हनुमाननगर अंचल क्षेत्र अंतर्गत ब्रहमोतरा चौक पर कब्रिस्तान के पास सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया। कार्रवाई के दौरान करीब 15 दुकानों को हटाया गया। मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी परीक्षित, आरओ आशीष कर्ण,थलवाड़ा पंचायत के कर्मी आशुतोष कुमार, एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार, दारोगा राजीव रंजन सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदारों में भय का माहौल बन गया। बुलडोजर से कब्रिस्तान के बगल में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में इस स्थान पर दोबारा अतिक्रमण किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण सड़क जाम की समस्या उत्पन्न होती थी, जिससे आम लोगों को परेशानी होती थी। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। दोनों आंखों से दिव्यांग नीतू देवी ने बताया कि वह पिछले 40 साल से यहां रह रही थीं और उनके पति दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनकी दुकान तोड़ी गई। नीतू देवी ने कहा कि सरकारी जमीन पर दुकान होने के बावजूद उनके पास रहने के लिए कोई अन्य जमीन नहीं है और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदार मुकेश भंडारी ने बताया कि वह भी करीब 40 साल से झोपड़ी बनाकर दुकान चला रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी दोनों आंखों से दिव्यांग है और इसी दुकान से परिवार का गुजारा चलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। मुकेश भंडारी ने कहा कि उनके पास न तो जमीन है और न ही रहने की जगह, ऐसे में सरकार से पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से की गई है। मामले में आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। लोगों ने स्वयं ही अपनी दुकानों और संरचनाओं को हटाना प्रशिक्षु आईएएस सह अंचलाधिकारी परीक्षित ने बताया कि हनुमाननगर अंचल के ब्रहमोतरा चौक के पास लंबे समय से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। इस संबंध में प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पुलिस बल के सहयोग से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि पुलिस बल और दंडाधिकारी की उपस्थिति में स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाया गया कि वे लंबे समय से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं और इसे तुरंत खाली किया जाए। प्रशासन की अपील के बाद लोगों ने स्वयं ही अपनी दुकानों और संरचनाओं को हटाना शुरू कर दिया। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि सभी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। मौके पर मजिस्ट्रेट के रूप में आरओ आशीष कर्ण मौजूद थे, वहीं स्थानीय थाना की पुलिस बल की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील अंचलाधिकारी ने बताया कि लगभग 10 से 12 दुकानें सरकारी भूमि पर अतिक्रमित कर बनाई गई थीं, जिन्हें हटाया गया। अंचल अधिकारी परीक्षित ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न करें, क्योंकि अतिक्रमण के कारण आम जनता को ही परेशानी होती है। जब सड़क तक अतिक्रमण बढ़ जाता है, तो जाम की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान में बुलडोजर का प्रयोग लगभग नहीं के बराबर किया गया, क्योंकि लोगों ने प्रशासन की बात समझते हुए अपनी मर्जी से ही अतिक्रमण हटा दिया और जगह को खाली कर दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि फिर से अतिक्रमण किया गया तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरभंगा के हनुमाननगर अंचल क्षेत्र अंतर्गत ब्रहमोतरा चौक पर कब्रिस्तान के पास सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया। कार्रवाई के दौरान करीब 15 दुकानों को हटाया गया। मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी परीक्षित, आरओ आशीष कर्ण,थलवाड़ा पंचायत के कर्मी आशुतोष कुमार, एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार, दारोगा राजीव रंजन सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदारों में भय का माहौल बन गया। बुलडोजर से कब्रिस्तान के बगल में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में इस स्थान पर दोबारा अतिक्रमण किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण सड़क जाम की समस्या उत्पन्न होती थी, जिससे आम लोगों को परेशानी होती थी। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। दोनों आंखों से दिव्यांग नीतू देवी ने बताया कि वह पिछले 40 साल से यहां रह रही थीं और उनके पति दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनकी दुकान तोड़ी गई। नीतू देवी ने कहा कि सरकारी जमीन पर दुकान होने के बावजूद उनके पास रहने के लिए कोई अन्य जमीन नहीं है और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदार मुकेश भंडारी ने बताया कि वह भी करीब 40 साल से झोपड़ी बनाकर दुकान चला रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी दोनों आंखों से दिव्यांग है और इसी दुकान से परिवार का गुजारा चलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। मुकेश भंडारी ने कहा कि उनके पास न तो जमीन है और न ही रहने की जगह, ऐसे में सरकार से पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से की गई है। मामले में आगे भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। लोगों ने स्वयं ही अपनी दुकानों और संरचनाओं को हटाना प्रशिक्षु आईएएस सह अंचलाधिकारी परीक्षित ने बताया कि हनुमाननगर अंचल के ब्रहमोतरा चौक के पास लंबे समय से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। इस संबंध में प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पुलिस बल के सहयोग से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अंचलाधिकारी ने बताया कि पुलिस बल और दंडाधिकारी की उपस्थिति में स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाया गया कि वे लंबे समय से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं और इसे तुरंत खाली किया जाए। प्रशासन की अपील के बाद लोगों ने स्वयं ही अपनी दुकानों और संरचनाओं को हटाना शुरू कर दिया। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि सभी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। मौके पर मजिस्ट्रेट के रूप में आरओ आशीष कर्ण मौजूद थे, वहीं स्थानीय थाना की पुलिस बल की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील अंचलाधिकारी ने बताया कि लगभग 10 से 12 दुकानें सरकारी भूमि पर अतिक्रमित कर बनाई गई थीं, जिन्हें हटाया गया। अंचल अधिकारी परीक्षित ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न करें, क्योंकि अतिक्रमण के कारण आम जनता को ही परेशानी होती है। जब सड़क तक अतिक्रमण बढ़ जाता है, तो जाम की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान में बुलडोजर का प्रयोग लगभग नहीं के बराबर किया गया, क्योंकि लोगों ने प्रशासन की बात समझते हुए अपनी मर्जी से ही अतिक्रमण हटा दिया और जगह को खाली कर दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि फिर से अतिक्रमण किया गया तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


