बिहार विधान मंडल में वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने हाल ही में राज्य का बजट पेश किया। इस बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने इसे आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को मजबूत करने वाला बताया, वहीं कांग्रेस ने गरीब और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। तारकिशोर प्रसाद ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को मजबूती देगा और लोगों का जीवन आसान बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य प्रसाद के अनुसार, बजट में ‘सात निश्चय-3 (2025-2030)’ के तहत बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है। इसका मुख्य फोकस प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने, लगभग एक करोड़ रोजगार सृजित करने और महिलाओं को सशक्त बनाने पर है। उन्होंने इसे प्रगतिशील और सर्व-समावेशी बजट बताया, जिससे बिहार की विकास दर को नई ऊर्जा मिलेगी। दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कटिहार कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने आरोप लगाया कि यह बजट गरीब, मजदूर और किसानों के हितों की अनदेखी करता है और आम लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। ”महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस बात नहीं की गई” सुनील यादव ने कहा कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस बात नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंकड़ों और घोषणाओं का सहारा लेकर जमीनी हकीकत छिपाने की कोशिश की है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष के अनुसार, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि यह बजट केवल अमीरों और ठेकेदारों को राहत देने वाला है, जबकि गरीब तबके के लिए सिर्फ पुराने वादे दोहराए गए हैं। ”किसानों को उनकी उपज का उचित दाम कब मिलेगा” सुनील यादव ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता लगातार यह सवाल उठाते रहे हैं कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम कब मिलेगा और युवाओं को स्थायी रोजगार कब दिया जाएगा, लेकिन बजट में इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के नाम पर भी सिर्फ पुराने प्रावधानों को नए कवर में पेश किया गया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि पार्टी इस जनविरोधी बजट के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगी और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देने के लिए मजबूर करेगी। बिहार विधान मंडल में वित्त मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने हाल ही में राज्य का बजट पेश किया। इस बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने इसे आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को मजबूत करने वाला बताया, वहीं कांग्रेस ने गरीब और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। तारकिशोर प्रसाद ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को मजबूती देगा और लोगों का जीवन आसान बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य प्रसाद के अनुसार, बजट में ‘सात निश्चय-3 (2025-2030)’ के तहत बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है। इसका मुख्य फोकस प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने, लगभग एक करोड़ रोजगार सृजित करने और महिलाओं को सशक्त बनाने पर है। उन्होंने इसे प्रगतिशील और सर्व-समावेशी बजट बताया, जिससे बिहार की विकास दर को नई ऊर्जा मिलेगी। दूसरी ओर, बिहार सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कटिहार कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने आरोप लगाया कि यह बजट गरीब, मजदूर और किसानों के हितों की अनदेखी करता है और आम लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। ”महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस बात नहीं की गई” सुनील यादव ने कहा कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ठोस बात नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने आंकड़ों और घोषणाओं का सहारा लेकर जमीनी हकीकत छिपाने की कोशिश की है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष के अनुसार, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि यह बजट केवल अमीरों और ठेकेदारों को राहत देने वाला है, जबकि गरीब तबके के लिए सिर्फ पुराने वादे दोहराए गए हैं। ”किसानों को उनकी उपज का उचित दाम कब मिलेगा” सुनील यादव ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता लगातार यह सवाल उठाते रहे हैं कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम कब मिलेगा और युवाओं को स्थायी रोजगार कब दिया जाएगा, लेकिन बजट में इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने दावा किया कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के नाम पर भी सिर्फ पुराने प्रावधानों को नए कवर में पेश किया गया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि पार्टी इस जनविरोधी बजट के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएगी और सरकार को जनता के सवालों का जवाब देने के लिए मजबूर करेगी।


