बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा देखने को मिला। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। इसके विरोध में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट (बहिर्गमन) किया। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को सही से चलने नहीं दे रही है।
दूसरी ओर, लोकसभा में हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के जवाब के ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विपक्षी सदस्य लगातार नारेबाजी कर रहे थे, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित हुई। चीन सीमा विवाद और सांसदों के निलंबन जैसे मुद्दों पर पिछले कई दिनों से संसद में गतिरोध बना हुआ है।


