Budget 2026: 7 बुलेट ट्रेन रूट और IIM से गाइड की ट्रेनिंग… टूरिज्म पर खुलेगा खजाना!

Budget 2026: 7 बुलेट ट्रेन रूट और IIM से गाइड की ट्रेनिंग… टूरिज्म पर खुलेगा खजाना!

Tourism Budget 2026 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026 (Union Budget 2026 Tourism) में पर्यटन क्षेत्र को देश के ‘विकास का नया इंजन’ घोषित किया है। सरकार ने इस बार सिर्फ घूमने-फिरने पर ही नहीं, बल्कि इसे रोजगार का सबसे बड़ा साधन बनाने पर जोर दिया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने यह बात साफ की कि टियर-2 और टियर-3 शहर अब पर्यटन के नए केंद्र बनेंगे। विदेश घूमने के शौकीनों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि सरकार ने विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस (Tax Collected at Source) को घटाकर 2% कर दिया है। इससे विदेश यात्रा (Nirmala Sitharaman Travel Budget) अब पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएगी।

7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का तोहफा (High Speed Rail Corridors)

यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (High-Speed Rail Corridors) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख आर्थिक और पर्यटन केंद्रों को जोड़ेंगे। इनमें प्रमुख रूट शामिल हैं:

दिल्ली – वाराणसी

मुंबई – पुणे

हैदराबाद – बेंगलुरु

चेन्नई – बेंगलुरु

वाराणसी – सिलीगुड़ी

इसके अलावा, ‘वंदे भारत’ और ‘अमृत भारत’ ट्रेनों के नेटवर्क का विस्तार और सुरक्षा के लिए ‘कवच’ प्रणाली को अपग्रेड करने पर भी भारी निवेश किया जाएगा।

IIM से ट्रेनिंग लेंगे टूरिस्ट गाइड (IIM Guide Training)

पर्यटन को ‘प्रोफेशनल’ बनाने के लिए सरकार ने अनूठी पहल की है। अब देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर तैनात 10,000 गाइड्स को IIM (भारतीय प्रबंधन संस्थान) से 12 सप्ताह की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका मकसद गाइड्स की संवाद शैली और व्यवहार को विश्वस्तरीय बनाना है। साथ ही, मौजूदा होटल मैनेजमेंट काउंसिल को अपग्रेड कर ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी’ बनाया जाएगा, जो छोटे होमस्टे और लॉज मालिकों को भी ट्रेन करेगा।

मंदिरों के लिए विशेष योजना

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘मंदिर शहरों’ (Temple Cities) के विकास हेतु 5,000 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया गया है। वहीं, इको-टूरिज्म के तहत ओडिशा, कर्नाटक और केरल में कछुओं के घोंसले वाले स्थानों (Turtle Nesting Sites) को सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पहाड़ों पर ट्रैकिंग के लिए हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में ‘सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स’ बनाए जाएंगे।

डिजिटल होगा भारत का इतिहास

सरकार एक ‘नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ तैयार करेगी। इसमें भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासतों का डिजिटल डेटाबेस होगा, जिससे शोधकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा

ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) ने टीसीएस घटाने के फैसले को ‘गेम चेंजर’ बताया है। विशेषज्ञों का कहना है, “गाइड्स को IIM से ट्रेनिंग दिलाना भारत की ब्रांडिंग को global स्तर पर मजबूत करेगा। इससे विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा।”

इसका अब कब दिखेगा असर?

हाई-स्पीड कॉरिडोर की डीपीआर (DPR) अगले 6 महीनों में तैयार होने की उम्मीद है। वहीं, गाइड्स की ट्रेनिंग का पहला बैच अप्रैल 2026 से शुरू हो सकता है। टीसीएस की नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।

दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया

दक्षिण भारत पर खास फोकस इस बजट में दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। 7 में से 4 हाई-स्पीड कॉरिडोर दक्षिण भारत (हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु) को कवर करेंगे, जिससे वहां आईटी और टूरिज्म दोनों को बूस्ट मिलेगा।

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