पटना बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-एक (बीएमपी-वन यानी गोरखा बटालियन) का मुख्यालय नौबतपुर जाएगा। नौबतपुर के चर्रा गांव में 30 एकड़ में इस बटालियन के लिए नया भवन बनेगा। इसमें जवानों के लिए बैरक से लेकर प्रशासनिक दफ्तर व अन्य निर्माण होंगे। 30 एकड़ जमीन मिल गई है। पूरे निर्माण कार्य में 40 करोड़ 54 लाख 41 हजार 38 रुपये की लागत आएगी। इसी कैंपस में ट्रेनिंग सेंटर भी होगा। अभी गोरखा बटालियन का मुख्यालय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी क्षेत्र के पास हवाई अड्डा के कार्गो से कुछ दूर है। यह जमीन वेटनरी कॉलेज की है। अभी इस बटालियन में 1300 जवान हैं। एडीजी आधुनिकीकरण सुधांशु कुमार ने बताया कि बीसैप-वन मुख्यालय भवन के अलावा पिछले तीन महीनों के दौरान 49 करोड़ 78 लाख रुपये के अलग-अलग भवनों की स्वीकृति भी दी गई है। इसमें चार थाना भवन, एक एसपी आवास सह कार्यालय और दो अनुमंडल स्तरीय कार्यालय शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर जल्द ही निर्माण शुरू होने जा रहा है। सभी थानों के भवन तीन मंजिला होंगे और इनमें जरूरी फर्नीचर भी लगाए जाएंगे। पहले रांची में थी यह बटालियन पहले गोरखा बटालियन रांची के धुर्वा में थी। साल 2000 में जब बिहार से झारखंड अलग हुआ तब बीएमपी-वन रांची से पटना शिफ्ट हुआ। वेटनरी कॉलेज के पास कैंपस मिला। 2002 में बिहार में इस बटालियन का गठन किया गया। 30 एकड़ जमीन नौबतपुर मुख्यालय से लगभग 6.5 किलोमीटर की दूरी पर बिहटा-सरमेरा फोरलेन से सटी हुई है। नए कैंपस में स्थायी भवन, बैरक, परेड मैदान और प्रशासनिक ढांचे का निर्माण किया जाएगा। वहां ट्रेनिंग सेंटर भी खुलेगा। इस बटालियन के काम: पटना बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-एक (बीएमपी-वन यानी गोरखा बटालियन) का मुख्यालय नौबतपुर जाएगा। नौबतपुर के चर्रा गांव में 30 एकड़ में इस बटालियन के लिए नया भवन बनेगा। इसमें जवानों के लिए बैरक से लेकर प्रशासनिक दफ्तर व अन्य निर्माण होंगे। 30 एकड़ जमीन मिल गई है। पूरे निर्माण कार्य में 40 करोड़ 54 लाख 41 हजार 38 रुपये की लागत आएगी। इसी कैंपस में ट्रेनिंग सेंटर भी होगा। अभी गोरखा बटालियन का मुख्यालय भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी क्षेत्र के पास हवाई अड्डा के कार्गो से कुछ दूर है। यह जमीन वेटनरी कॉलेज की है। अभी इस बटालियन में 1300 जवान हैं। एडीजी आधुनिकीकरण सुधांशु कुमार ने बताया कि बीसैप-वन मुख्यालय भवन के अलावा पिछले तीन महीनों के दौरान 49 करोड़ 78 लाख रुपये के अलग-अलग भवनों की स्वीकृति भी दी गई है। इसमें चार थाना भवन, एक एसपी आवास सह कार्यालय और दो अनुमंडल स्तरीय कार्यालय शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर जल्द ही निर्माण शुरू होने जा रहा है। सभी थानों के भवन तीन मंजिला होंगे और इनमें जरूरी फर्नीचर भी लगाए जाएंगे। पहले रांची में थी यह बटालियन पहले गोरखा बटालियन रांची के धुर्वा में थी। साल 2000 में जब बिहार से झारखंड अलग हुआ तब बीएमपी-वन रांची से पटना शिफ्ट हुआ। वेटनरी कॉलेज के पास कैंपस मिला। 2002 में बिहार में इस बटालियन का गठन किया गया। 30 एकड़ जमीन नौबतपुर मुख्यालय से लगभग 6.5 किलोमीटर की दूरी पर बिहटा-सरमेरा फोरलेन से सटी हुई है। नए कैंपस में स्थायी भवन, बैरक, परेड मैदान और प्रशासनिक ढांचे का निर्माण किया जाएगा। वहां ट्रेनिंग सेंटर भी खुलेगा। इस बटालियन के काम:


