पाली जिले के बगड़ी थाना क्षेत्र के सिंचियावास गांव में अफवाह ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। गोंद और प्लास्टिक के टब बेचने आई 58 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीट दिया। लाठी-डंडों की बरसात में महिला लहूलुहान होकर जमीन पर गिरती रही, जबकि साथ आई 20 वर्षीय बेटी उसे छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन भीड़ का दिल नहीं पसीजा।
घटना 22 फरवरी की है। सोजत की लोहार कॉलोनी निवासी खीमी देवी अपनी बेटी नीरता के साथ दोपहर में गांव पहुंची थीं। इसी दौरान पास में काम कर रहे नरेगा मजदूरों के बीच अफवाह फैली और दो महिलाओं ने घेरकर खीमी देवी पर हमला शुरू कर दिया। महिला ने अपनी पहचान के दस्तावेज दिखाए, रोती-बिलखती बेटी ने सच बताने की कोशिश की, लेकिन भीड़ पर कोई असर नहीं हुआ।
वीडियो वायरल, रूह कंपा देने वाले दृश्य
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। फुटेज में साफ दिखता है कि कैसे बेबस महिला पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और बेटी बार-बार चिल्लाकर लोगों से छोड़ देने की फरियाद कर रही है। वीडियो ने भीड़ की मानसिकता और अफवाहों के खतरनाक नतीजों को बेनकाब कर दिया।
पुलिस कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार
कंटालिया चौकी प्रभारी एएसआई मलाराम चौधरी के अनुसार पुलिस ने मामले में भगवान सिंह, मोट सिंह, लक्ष्मण सिंह और गट्टू देवी को गिरफ्तार कर लिया है। गंभीर रूप से घायल खीमी देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अब उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।


