चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक क्षेत्र स्थित सहजौर गांव के कई मोहल्लों के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गांव में कच्चे और टूटे रास्ते हैं, वहीं जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को अपने घरों में गड्ढे खोदकर पानी जमा करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों रूबिना, अमजद, लालू और एनामुल के अनुसार, पिछले पांच वर्षों से गांव के कई हिस्सों में सड़कों और नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब गंदा पानी रास्तों और घरों के आसपास जमा हो जाता है। इससे आवागमन में भारी परेशानी होती है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और जिला पंचायत सदस्य के बीच खींचतान के कारण विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। उनका यह भी कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुशील कुमार ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि गांव में हर तरफ विकास कार्य हुए हैं और पिछले पांच वर्षों में कई योजनाओं के तहत सड़क व नाली का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कुछ स्थानों पर कार्य न होने का कारण जमीन विवाद और रास्ते के लिए भूमि की अनुपलब्धता बताया। सुशील कुमार ने आश्वासन दिया कि जमीन से जुड़ी समस्या का समाधान होते ही उन इलाकों में भी विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे, जैसे गांव के अन्य हिस्सों में किए गए हैं। फिलहाल, सहजौर ग्राम सभा के प्रभावित इलाकों के ग्रामीण प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें रोजमर्रा की परेशानियों से निजात मिल सके।


