ब्रिटिश AI मंत्री कनिष्क नारायण पैतृक शहर मुजफ्फरपुर पहुंचे:25 साल बाद जन्मभूमि वापस आने पर दिखे भावुक, कहा- AI का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें

ब्रिटिश AI मंत्री कनिष्क नारायण पैतृक शहर मुजफ्फरपुर पहुंचे:25 साल बाद जन्मभूमि वापस आने पर दिखे भावुक, कहा- AI का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें

भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद और यूनाइटेड किंगडम के ‘एआई एवं ऑनलाइन सेफ्टी’ मंत्री कनिष्क नारायण आज अपने पैतृक शहर मुजफ्फरपुर पहुंचे। लगभग 25 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी जन्मभूमि पर वापसी आने पर वे भावुक नजर आए। उनके आगमन को लेकर शहरवासियों और परिजनों में भारी उत्साह देखा गया। मुजफ्फरपुर के एस.के.जे. (SKJ) लॉ कॉलेज में उनके सम्मान में एक विशेष स्वागत समारोह और व्याख्यान का आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर में पहुंचने पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधा संवाद किया। यहां पर उन्होंने छात्रों से कहा कि AI का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें। कनिष्क नारायण ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि भले ही वे ब्रिटेन की सरकार में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर की मिट्टी से उनका जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है। कहा- बिहार के युवाओं में अपार क्षमता मीडिया से बातचीत के दौरान कनिष्क ने मुजफ्फरपुर की विश्व प्रसिद्ध शाही लीची का जिक्र किया और कहा कि यहां की लीची की मिठास आज भी उनकी जुबान पर है। उन्होंने बताया, ‘मैं मुजफ्फरपुर में ही जन्मा हूं और यहां की यादें मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा हैं।’ उन्होंने आज के बिहार की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार के युवाओं में अपार क्षमता है। एआई (AI) के सही इस्तेमाल पर जोड़ दिया लॉ कॉलेज में आयोजित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य’ विषय पर बोलते हुए कनिष्क नारायण ने तकनीक के सही इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई वर्तमान युग की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक और एआई का उपयोग अपनी प्रगति और समाज के उत्थान के लिए करें। इसके साथ ही उन्होंने सचेत किया कि एआई का दुरुपयोग समाज के लिए घातक हो सकता है, इसलिए ‘ऑनलाइन सेफ्टी’ और नैतिक उपयोग अत्यंत आवश्यक है। युवाओं के लिए प्रेरणा ब्रिटिश कैबिनेट में मंत्री के रूप में कनिष्क की यह यात्रा स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने साबित कर दिया है कि मुजफ्फरपुर जैसे शहर से निकलकर दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्रों में से एक में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अपनी इस संक्षिप्त यात्रा के माध्यम से कनिष्क ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रगति की दौड़ में अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद और यूनाइटेड किंगडम के ‘एआई एवं ऑनलाइन सेफ्टी’ मंत्री कनिष्क नारायण आज अपने पैतृक शहर मुजफ्फरपुर पहुंचे। लगभग 25 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी जन्मभूमि पर वापसी आने पर वे भावुक नजर आए। उनके आगमन को लेकर शहरवासियों और परिजनों में भारी उत्साह देखा गया। मुजफ्फरपुर के एस.के.जे. (SKJ) लॉ कॉलेज में उनके सम्मान में एक विशेष स्वागत समारोह और व्याख्यान का आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर में पहुंचने पर उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के साथ सीधा संवाद किया। यहां पर उन्होंने छात्रों से कहा कि AI का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करें। कनिष्क नारायण ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए कहा कि भले ही वे ब्रिटेन की सरकार में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर की मिट्टी से उनका जुड़ाव आज भी उतना ही गहरा है। कहा- बिहार के युवाओं में अपार क्षमता मीडिया से बातचीत के दौरान कनिष्क ने मुजफ्फरपुर की विश्व प्रसिद्ध शाही लीची का जिक्र किया और कहा कि यहां की लीची की मिठास आज भी उनकी जुबान पर है। उन्होंने बताया, ‘मैं मुजफ्फरपुर में ही जन्मा हूं और यहां की यादें मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा हैं।’ उन्होंने आज के बिहार की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार के युवाओं में अपार क्षमता है। एआई (AI) के सही इस्तेमाल पर जोड़ दिया लॉ कॉलेज में आयोजित ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य’ विषय पर बोलते हुए कनिष्क नारायण ने तकनीक के सही इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई वर्तमान युग की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक और एआई का उपयोग अपनी प्रगति और समाज के उत्थान के लिए करें। इसके साथ ही उन्होंने सचेत किया कि एआई का दुरुपयोग समाज के लिए घातक हो सकता है, इसलिए ‘ऑनलाइन सेफ्टी’ और नैतिक उपयोग अत्यंत आवश्यक है। युवाओं के लिए प्रेरणा ब्रिटिश कैबिनेट में मंत्री के रूप में कनिष्क की यह यात्रा स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने साबित कर दिया है कि मुजफ्फरपुर जैसे शहर से निकलकर दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्रों में से एक में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रशासन ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अपनी इस संक्षिप्त यात्रा के माध्यम से कनिष्क ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रगति की दौड़ में अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए।  

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