इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि गोवध निरोधक कानून के तहत गाय या गोमांस प्रदेश के बाहर ले जाना अपराध है किंतु प्रदेश के भीतर परिवहन करना अपराध नहीं है। बलिया से दुधारू गाय खरीद कर मऊ जिले में ले जाने वाले वाहन को जब्त करने के जिलाधिकारी बलिया के आदेश को अवैध करार देते हुए रद कर दिया और जब्त वाहन स्वामी के पक्ष में अवमुक्त करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एस सी शर्मा की एकलपीठ ने मंजीत कुमार मौर्य की पुनरीक्षण याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची का कहना था कि बोलोरो पिकअप वाहन से एक गाय, चितबड़ा गाँव बलिया से, ग्राम पोस्ट चकाघाट जनपद मऊ ले जाई जा रहीं थीं।, जिसको थाना फेफना जनपद बलिया पुलिस ने पकड़ कर सीज कर दिया । थाना फेफना जनपद बलिया पुलिस की इस कार्यवाही के विरुद्ध, जिलाधिकारी बलिया के समछ आवेदन पत्र दिया गया, जिसे जिलाधिकारी बलिया ने अपने आदेश दिनांक 21जुलाई 2025 द्वारा वाहन को अवमुक्त,करने से इंकार कर दिया ।जिलाधिकारी बलिया के इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। तर्क दिया कि गाय का परिवहन, बलिया से मऊ के लिये था जो उ प्र के ही भाग हैं, इसलिये गोबध निवारण अधिनियम 1964 के नियम 16 के अन्तर्गत कोई अपराध नहीँ हुआ,। सहमति ब्यक्त करते हुए उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी बलिया के आदेश को निरस्त करते हुए, वाहन के पंजीकृत स्वामी के पछ में वाहन को अवमुक्त करने का आदेश पारित किया।


