गोंडा जिले के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू ने प्रो रेसलिंग लीग (PWL) 2026 को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लीग का उद्घाटन पूर्व WFI अध्यक्ष और कुश्ती के मार्गदर्शक बृजभूषण शरण सिंह करेंगे। यह लीग पहलवानों को आर्थिक मजबूती देने का बड़ा माध्यम बनेगी। संजय सिंह ने नंदिनी नगर कुश्ती प्रशिक्षक केंद्र पहुंचकर देश-विदेश और विभिन्न राज्यों से आए पहलवानों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक खिलाड़ी से प्रशिक्षण, जरूरतों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। WFI अध्यक्ष ने बताया कि प्रो रेसलिंग लीग 2026 का आयोजन 15 जनवरी से 1 फरवरी तक नोएडा स्पोर्ट्स स्टेडियम में किया जाएगा। इस लीग के लिए कुल 250 पहलवानों का ऑक्शन किया गया, जिसमें सभी आवेदकों को समान अवसर दिया गया। 60 लाख तक बोली, न्यूनतम 3 लाख ऑक्शन में देश-विदेश के नामी पहलवानों पर जमकर बोली लगी। सबसे अधिक बोली 60 लाख रुपए तक पहुंची, जबकि न्यूनतम 3 लाख रुपए में भी पहलवान खरीदे गए। संजय सिंह ने कहा कि चयन पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर हुआ, इसमें फेडरेशन की कोई पक्षपातपूर्ण भूमिका नहीं रही।
युई सुजाकी सबसे महंगी, अंतिम पंघाल 52 लाख में महिला वर्ग की कैटेगरी A+ में जापान की दिग्गज पहलवान युई सुजाकी सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं, जिन्हें हरियाणा थंडर्स ने 60 लाख रुपए में खरीदा।वहीं भारत की अंतिम पंघाल को यूपी डोमिनेटर्स ने महिला 53 किग्रा वर्ग में 52 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा। पुरुष वर्ग की कैटेगरी-A में सुजीत कलकल को दिल्ली दंगल वारियर्स ने 52 लाख रुपए में टीम में शामिल किया।पेरिस ओलिंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत को टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल ने 51 लाख रुपए में खरीदा।
6 टीमें लेंगी हिस्सा, ओलिंपिक सितारे यहीं से निकलेंगे इस प्रो रेसलिंग लीग में कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं—टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल, पंजाब रॉयल्स, दिल्ली दंगल वारियर्स, हरियाणा थंडर्स, यूपी डोमिनेटर्स और महाराष्ट्र केसरी।WFI अध्यक्ष ने कहा कि जो पहलवान यहां बेहतर प्रदर्शन करेगा, वही आगे चलकर ओलिंपिक, एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करेगा।
संजय सिंह ने कहा कि पिछली लीग की तरह इस बार भी मेहनत और परफॉर्मेंस के दम पर नए सितारे उभरेंगे। यह लीग पूरे देश में नंबर-वन बनेगी और भारतीय पहलवानों की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाएगी।


