करनाल जिला के घरौंडा में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल्स में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने की शिकायत पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने कार्यालय परिसर में दबिश देकर आरोपी कर्मचारी को नकद रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। इस कार्रवाई से विभागीय गलियारों में हलचल मच गई है और मामले की जांच कई स्तर पर शुरू कर दी गई है। शिकायत पर विजिलेंस की सुनियोजित कार्रवाई
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि सीईवी घरौंडा में तैनात विषय वस्तु विशेषज्ञ ग्रुप-बी प्रमोद कुमार द्वारा नियमों को नजरअंदाज कर काम कराने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के वेरिफिकेशन के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को कार्यालय सीईवी केंद्र, घरौंडा से 35 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 10 हजार पौधों की बिक्री के बदले मांगी गई थी रकम
शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रमोद कुमार ने ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित राशि जमा कराने की प्रक्रिया को दरकिनार कर सब्जी उत्कृष्टता केंद्र, घरौंडा में उगाए गए खरबूजे के 10 हजार पौधों को 3 रुपये 50 पैसे प्रति पौधा की दर से बेचने की एवज में 35 हजार रुपये की मांग की थी। यह रकम एक माध्यम व्यक्ति के जरिए ली जा रही थी, लेकिन तय योजना के तहत विजिलेंस ने मौके पर ही कार्रवाई कर दी। थाने में केस दर्ज, आगे की जांच जारी
आरोपी के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्ती
हरियाणा सतर्कता ब्यूरो के करनाल रेंज के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति है। सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत हेल्पलाइन 1064 या 1800-180-2022 पर सूचना दें। विभागीय जांच भी होगी
घरौंडा सीईवी के हेड और बागवानी विभाग के उपनिदेशक राकेश कुमार ने बताया कि विजिलेंस टीम प्रमोद कुमार को पकड़कर ले गई है। पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है कि आखिर उसने क्या किया। उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और विभागीय स्तर पर भी जांच कराई जाएगी।


