मोतिहारी में पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। फेनहारा थाना में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में एक डेटा ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने वीडियो वायरल होने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह घटना फेनहारा थाना क्षेत्र की है। एक युवक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए थाने पहुंचा था। आरोप है कि थाना में पदस्थापित डेटा ऑपरेटर सूरज कुमार ने वेरिफिकेशन के लिए युवक से दो हजार रुपये की मांग की। जब युवक ने पैसे देने से इनकार किया, तो ऑपरेटर ने कथित तौर पर कहा कि बिना पैसे दिए वेरिफिकेशन नहीं होगा। डेटा ऑपरेटर के खिलाफ FIR
युवक ने इस पूरी बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। उसने यह वीडियो सीधे एसपी स्वर्ण प्रभात के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया। वीडियो मिलते ही एसपी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पकड़ीदयाल एसडीपीओ कुमार चंदन को तत्काल जांच का निर्देश दिया। जांच के दौरान, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद फेनहारा थाना में डेटा ऑपरेटर सूरज कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी सूरज कुमार को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
इस कार्रवाई से जिले के अन्य थानों में कार्यरत कर्मियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग में ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मोतिहारी में पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। फेनहारा थाना में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में एक डेटा ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने वीडियो वायरल होने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह घटना फेनहारा थाना क्षेत्र की है। एक युवक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के लिए थाने पहुंचा था। आरोप है कि थाना में पदस्थापित डेटा ऑपरेटर सूरज कुमार ने वेरिफिकेशन के लिए युवक से दो हजार रुपये की मांग की। जब युवक ने पैसे देने से इनकार किया, तो ऑपरेटर ने कथित तौर पर कहा कि बिना पैसे दिए वेरिफिकेशन नहीं होगा। डेटा ऑपरेटर के खिलाफ FIR
युवक ने इस पूरी बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। उसने यह वीडियो सीधे एसपी स्वर्ण प्रभात के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया। वीडियो मिलते ही एसपी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पकड़ीदयाल एसडीपीओ कुमार चंदन को तत्काल जांच का निर्देश दिया। जांच के दौरान, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सही पाए गए। इसके बाद फेनहारा थाना में डेटा ऑपरेटर सूरज कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी सूरज कुमार को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
इस कार्रवाई से जिले के अन्य थानों में कार्यरत कर्मियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग में ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


