लखनऊ में स्वदेशी को बढ़ावा देने और वर्तमान आर्थिक हालात पर मंथन के लिए एक अहम गोष्ठी आयोजित की गई। यह कार्यक्रम स्वदेशी जागरण मंच, स्वावलंबी भारत अभियान, अवध प्रांत, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल और उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के सहयोग में किया गया । आयोजन दारुलशफा स्थित व्यापार मंडल के मुख्यालय में किया गया, जहां बड़ी संख्या में व्यापारी और पदाधिकारी मौजूद रहे। गोष्ठी में मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के सह संगठक सतीश कुमार ने साफ कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे मजबूत रास्ता स्वदेशी ही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाकर उन्हें वैश्विक बाजार में पहुंचाना समय की जरूरत है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि निर्यात के अवसरों को भी अपनाएं। हालात चाहे जैसे भी हों, देश का व्यापारी वर्ग मजबूत सतीश कुमार ने वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि हालात चाहे जैसे भी हों, देश का व्यापारी वर्ग मजबूत है और इन परिस्थितियों का डटकर सामना करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि एकजुटता के दम पर हर चुनौती पर जीत हासिल की जा सकती है। इस दौरान ‘स्वदेशी व्यापारी जुटान’ के गठन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इसका उद्देश्य देशभर के व्यापारियों को एक मंच पर लाकर स्वदेशी और राष्ट्र प्रथम की भावना को मजबूत करना है। इसके राष्ट्रीय सह संयोजक के रूप में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही सभी जनपदों में इसके संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। स्थानीय व्यापार को मजबूत करना ही मुख्य पहल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संदीप बंसल और क्षेत्र संगठन मंत्री अनुपम श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी ने कहा कि स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना और स्थानीय व्यापार को मजबूत करना ही इस पहल का मुख्य लक्ष्य है।गोष्ठी में शहर के कई प्रमुख व्यापारी और संगठन से जुड़े लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उद्योग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


