ब्रह्माकुमारियों ने मनाया 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव:शेखपुरा में बेगूसराय की राजयोगिनी कंचन दीदी मुख्य अतिथि, बच्चों ने किया परफॉर्म

ब्रह्माकुमारियों ने मनाया 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव:शेखपुरा में बेगूसराय की राजयोगिनी कंचन दीदी मुख्य अतिथि, बच्चों ने किया परफॉर्म

शेखपुरा में शुक्रवार को शहर के कटरा चौक स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर हुआ। इस मौके पर सेवा संस्थान की संचालिका बीके अन्नू बहन ने मुख्य अतिथि राजयोगिनी कंचन दीदी का तिलक लगाकर स्वागत किया। उन्हें मान-सम्मान के साथ कार्यक्रम में शामिल किया गया। राजयोग मेडिटेशन, ध्वजारोहण और केक कटिंग का भी आयोजन महोत्सव में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने शिव बाबा पर आधारित कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम से पहले राजयोग मेडिटेशन, ध्वजारोहण और केक कटिंग का भी आयोजन किया गया। भगवान के आगमन से पुरुषोत्तम संगम युग का आरंभ बेगूसराय से आईं मुख्य अतिथि राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी ने शिव अवतरण का आध्यात्मिक रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि परमात्मा शिव बाबा इस धरा धाम पर अवतरित होकर ब्रह्मा के द्वारा नई दुनिया सतयुग की स्थापना का संदेश देते हैं। शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप हैं और जब वे धरती पर आते हैं तो साधारण मानव तन में प्रवेश करते हैं, जिनका नाम प्रजापिता ब्रह्मा है। भगवान के आगमन से पुरुषोत्तम संगम युग का आरंभ होता है। शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप वहीं, सेवा केंद्र की संचालिका बीके अन्नू बहन ने शिव और शंकर के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप हैं, जबकि शंकर सूक्ष्म देवधारी हैं। यही कारण है कि हम शिवरात्रि कहते हैं। इस मौके पर राजस्थान के बीके नवीन भाई, पूजा बहन, दिव्या बहन, प्रियंका कुमारी, अनिल भाई, सुभाष भाई सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा सभी को तिलक लगाकर बाबा का महाप्रसाद वितरित किया गया और महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं व बधाई दी गईं। शेखपुरा में शुक्रवार को शहर के कटरा चौक स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र में 90वां त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर हुआ। इस मौके पर सेवा संस्थान की संचालिका बीके अन्नू बहन ने मुख्य अतिथि राजयोगिनी कंचन दीदी का तिलक लगाकर स्वागत किया। उन्हें मान-सम्मान के साथ कार्यक्रम में शामिल किया गया। राजयोग मेडिटेशन, ध्वजारोहण और केक कटिंग का भी आयोजन महोत्सव में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने शिव बाबा पर आधारित कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम से पहले राजयोग मेडिटेशन, ध्वजारोहण और केक कटिंग का भी आयोजन किया गया। भगवान के आगमन से पुरुषोत्तम संगम युग का आरंभ बेगूसराय से आईं मुख्य अतिथि राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कंचन दीदी ने शिव अवतरण का आध्यात्मिक रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि परमात्मा शिव बाबा इस धरा धाम पर अवतरित होकर ब्रह्मा के द्वारा नई दुनिया सतयुग की स्थापना का संदेश देते हैं। शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप हैं और जब वे धरती पर आते हैं तो साधारण मानव तन में प्रवेश करते हैं, जिनका नाम प्रजापिता ब्रह्मा है। भगवान के आगमन से पुरुषोत्तम संगम युग का आरंभ होता है। शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप वहीं, सेवा केंद्र की संचालिका बीके अन्नू बहन ने शिव और शंकर के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि शिव परमात्मा निराकार ज्योति स्वरूप हैं, जबकि शंकर सूक्ष्म देवधारी हैं। यही कारण है कि हम शिवरात्रि कहते हैं। इस मौके पर राजस्थान के बीके नवीन भाई, पूजा बहन, दिव्या बहन, प्रियंका कुमारी, अनिल भाई, सुभाष भाई सहित बड़ी संख्या में भाई-बहन उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा सभी को तिलक लगाकर बाबा का महाप्रसाद वितरित किया गया और महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं व बधाई दी गईं।  

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