भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड की मोहनपुर ग्राम कचहरी का मंगलवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान अभिलेखों के संधारण में अनियमितताएं पाई गईं। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर नारायण ने यह निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय सरपंच बीना देवी, न्याय मित्र सियाराम रविदास, ग्राम कचहरी सचिव शांति देवी, और पंच आशा देवी, शकुंतला देवी, पप्पू रविदास तथा प्रमोद मंडल उपस्थित थे। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर नारायण ने बताया कि ग्राम कचहरी के पंजी का संधारण नियमों के अनुरूप नहीं हो रहा था। ग्राम कचहरी सचिव ने पूछताछ में बताया कि सरपंच द्वारा कई मामलों का निपटारा पंचायत घर पर ही कर दिया जाता है, जिससे उनकी नियमित प्रविष्टि कचहरी के अभिलेखों में नहीं हो पाती है। उन्होंने यह भी बताया कि आगत-निर्गत पंजी और वंशावली रजिस्टर सरपंच के पास रखे गए हैं, जो नियम विरुद्ध है। इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी अभिलेख और फाइलें अनिवार्य रूप से ग्राम कचहरी में ही जमा की जाएं, ताकि मामलों की ऑनलाइन प्रविष्टि सुचारु रूप से की जा सके। इस मौके पर कार्यपालक सहायक पवन कुमार को ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। कामेश्वर नारायण ने बताया कि अब तक प्राप्त अधिकांश प्रतिवेदनों को ऑनलाइन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान उपस्थित पंचों और सरपंच ने यह भी जानकारी दी कि उप-सरपंच पिछले एक वर्ष से ग्राम कचहरी में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस पर जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। कामेश्वर नारायण ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम कचहरी सचिव द्वारा उपस्थिति पंजी का संधारण नियमों के अनुसार किया जा रहा है। साथ ही, ग्राम कचहरी का आयोजन प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से किया जा रहा है। भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड की मोहनपुर ग्राम कचहरी का मंगलवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान अभिलेखों के संधारण में अनियमितताएं पाई गईं। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर नारायण ने यह निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय सरपंच बीना देवी, न्याय मित्र सियाराम रविदास, ग्राम कचहरी सचिव शांति देवी, और पंच आशा देवी, शकुंतला देवी, पप्पू रविदास तथा प्रमोद मंडल उपस्थित थे। प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर नारायण ने बताया कि ग्राम कचहरी के पंजी का संधारण नियमों के अनुरूप नहीं हो रहा था। ग्राम कचहरी सचिव ने पूछताछ में बताया कि सरपंच द्वारा कई मामलों का निपटारा पंचायत घर पर ही कर दिया जाता है, जिससे उनकी नियमित प्रविष्टि कचहरी के अभिलेखों में नहीं हो पाती है। उन्होंने यह भी बताया कि आगत-निर्गत पंजी और वंशावली रजिस्टर सरपंच के पास रखे गए हैं, जो नियम विरुद्ध है। इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी अभिलेख और फाइलें अनिवार्य रूप से ग्राम कचहरी में ही जमा की जाएं, ताकि मामलों की ऑनलाइन प्रविष्टि सुचारु रूप से की जा सके। इस मौके पर कार्यपालक सहायक पवन कुमार को ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। कामेश्वर नारायण ने बताया कि अब तक प्राप्त अधिकांश प्रतिवेदनों को ऑनलाइन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान उपस्थित पंचों और सरपंच ने यह भी जानकारी दी कि उप-सरपंच पिछले एक वर्ष से ग्राम कचहरी में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस पर जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत नोटिस जारी करने की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। कामेश्वर नारायण ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम कचहरी सचिव द्वारा उपस्थिति पंजी का संधारण नियमों के अनुसार किया जा रहा है। साथ ही, ग्राम कचहरी का आयोजन प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से किया जा रहा है।


